Pahalgam Attack Anniversary: वॉशिंगटन के भारतीय दूतावास में क्यों पहुंचे 19 अमेरिकी सांसद, क्या हुआ वहां? पहलगाम अटैक से जुड़ा है कनेक्शन
Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर अमेरिक के वॉशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल हिल में प्रदर्शनी का आयोजन किया है, जिसमें 19 अमेरिकी सांसद और 60 स्टाफ शामिल हुए.

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में कैपिटल हिल पर भारतीय दूतावास की तरफ से आतंकवाद की मानवीय कीमत को दिखाने वाली एक खास प्रदर्शनी आयोजित की गई. यह प्रदर्शनी पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के मौके पर लगाई गई थी. इस कार्यक्रम में अमेरिका के 19 सांसद और करीब 60 संसदीय स्टाफ शामिल हुए. प्रदर्शनी के दौरान 9/11 हमले से बचे एक व्यक्ति ने वर्चुअल रूप से अपनी बात रखी, वहीं पेंटागन से जुड़े एक रेस्पॉन्डर भी ऑनलाइन शामिल हुए.
इस प्रदर्शनी का मकसद आतंकवाद के असर को दिखाना और खास तौर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना था. भारतीय दूतावास ने इसे द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म नाम दिया. कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा मौजूद रहे. उनके साथ हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की दक्षिण और मध्य एशिया उपसमिति के अध्यक्ष बिल हुइज़ेंगा भी शामिल हुए.
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भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा का बयान
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्पष्ट और कड़ा रुख रखते हुए कहा कि भारत इसे किसी दूर की समस्या नहीं, बल्कि एक जीते-जागते अनुभव के रूप में देखता है. उन्होंने कहा कि ठीक एक साल पहले पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान गई थी. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि यह समय अमेरिका में 9/11 हमलों की 25वीं बरसी का भी है, जिससे दोनों देशों के साझा दर्द और अनुभव सामने आते हैं. क्वात्रा ने भारत में हुए बड़े आतंकी हमलों को याद करते हुए कहा कि मार्च 1993 के मुंबई बम धमाकों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिसने देश की आर्थिक राजधानी को हिला दिया था. इसके बाद 22 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर हमला हुआ और फिर 26 नवंबर 2008 को मुंबई में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने कई जगहों पर हमला किया.
आतंकवाद से होने वाले नुकसान पर हुई चर्चा
इसके अलावा हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सदस्य ब्रैड शेरमन, ब्रैड श्नाइडर और माइकल बॉमगार्टमर भी कार्यक्रम में पहुंचे. इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रिच मैककॉर्मिक और सीनेटर क्रिस कून्स ने भी इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया. अन्य प्रमुख लोगों में डेव टेलर और अप्रैल मैकक्लेन भी शामिल रहे. सभी ने इस प्रदर्शनी के जरिए आतंकवाद से होने वाले नुकसान और उसके मानवीय पहलुओं को करीब से देखा और समझा. यह आयोजन भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद के खिलाफ साझा चिंता और सहयोग को भी दिखाता है.
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