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धरती के बेहद करीब पहुंच चुका है खतरनाक एस्टेरॉयड! नासा ने जारी की चेतावनी, कहा-कभी भी हो सकती है टक्कर

NASA Asteroid 2024: नासा ने खतरनाक एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसके 2032 में पृथ्वी से टकराने की 2.3 प्रतिशत संभावना है.

NASA Asteroid 2024: नासा की महाशक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन जेम्स वेब टेलिस्कोप ने सौर मंडल के सबसे खतरनाक एस्टेरॉयड में से एक 2024 YR4 पर अपनी नजरें टिका रखी हैं. इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की संभावना ने वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने अपने ब्लॉग में जानकारी दी है कि खगोलविदों की अंतरराष्ट्रीय टीम को इस खतरनाक एस्टेरॉयड का निरीक्षण करने के लिए जेम्स वेब टेलिस्कोप के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी गई है.

एस्टेरॉयड 2024 YR4 को पहली बार दिसंबर 2024 में नासा ने देखा था, जब यह हमारे सौर मंडल से गुजर रहा था. इस एस्टेरॉयड का आकार लगभग 180 फीट (50 मीटर) चौड़ा होने का अनुमान है. इस आकार का एक एस्टेरॉयड अगर पृथ्वी से टकराता है, तो यह एक पूरे शहर को तबाह कर सकता है. ऐसा ही एक घटना साल 1908 में साइबेरिया में हुई थी, जब इसी आकार के एक एस्टेरॉयड ने 8 करोड़ पेड़ों को नष्ट कर दिया था.

वास्तविक आकार का अनुमान लगाना चुनौती
वैज्ञानिकों का कहना है कि एस्टेरॉयड का वास्तविक आकार पता लगाना चुनौतीपूर्ण है. वर्तमान में ग्राउंड-टेलिस्कोप के जरिए इस एस्टेरॉयड का निरीक्षण किया गया है, लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल के प्रभाव के कारण इसके वास्तविक आकार का अनुमान सही नहीं लगाया जा सका है. यह एस्टेरॉयड वास्तव में उससे कहीं अधिक बड़ा हो सकता है जितना दिखता है.

आकार का महत्व और संभावित खतरा
ईएसए के अनुसार, एस्टेरॉयड की चमक से उसका आकार पता लगाया जा सकता है, लेकिन यह बहुत हद तक इस पर निर्भर करता है कि उसकी सतह कितनी परावर्तक है. उदाहरण के लिए, यह एस्टेरॉयड 40 मीटर चौड़ा और बहुत परावर्तक हो सकता है, या 90 मीटर चौड़ा और कम परावर्तक हो सकता है. 40 मीटर और 90 मीटर के एस्टेरॉयड के खतरे के बीच बड़ा अंतर है, इसलिए वैज्ञानिक इस एस्टेरॉयड के आकार के सटीक अनुमान में सुधार करने पर काम कर रहे हैं.

भारत पर हो सकता है असर
वर्तमान अनुमानों के अनुसार, एस्टेरॉयड 2024 YR4 का पृथ्वी के साथ टकराव दिसम्बर 2032 में हो सकता है. यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से 127,699 किलोमीटर की दूरी से गुजर सकता है, लेकिन इसमें 14 लाख किलोमीटर तक का अंतर हो सकता है, जिससे इसका संभावित टकराव क्षेत्र अनिश्चित है. इस संभावित टकराव का प्रभाव प्रशांत महासागर, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर, मध्य अफ्रीका, और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों तक हो सकता है.

एस्टेरॉयड से पृथ्वी को खतरा
एस्टेरॉयड 2024 YR4 का पृथ्वी से टकराने की संभावना ने वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है. इस एस्टेरॉयड का प्रभाव संभावित रूप से कई क्षेत्रों पर हो सकता है, जिसमें भारत भी शामिल है. जेम्स वेब टेलिस्कोप की मदद से वैज्ञानिक इस खतरनाक एस्टेरॉयड के आकार और उसकी टक्कर की सटीक संभावना का अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इसके प्रभाव को कम किया जा सके.

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