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खामेनेई को सता रहा मौत का डर! चुने 3 नाम, जो उनके बाद बन सकते हैं ईरान के सुप्रीम लीडर, बेटा लिस्ट से बाहर

Ayatollah Ali Khamenei Death Threat: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इजरायली हमलों के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर असाधारण कदम उठाए हैं.

Ayatollah Ali Khamenei Death Threat: संभावित हत्या के खतरे को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई अब अपने कमांडरों से सीधे बात करने के बजाय एक भरोसेमंद सहयोगी के जरिए संवाद करते हैं और इलेक्ट्रॉनिक संचार को निलंबित कर दिया गया है, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाए. यह जानकारी उन तीन ईरानी अधिकारियों ने दी है जो उनके आपातकालीन युद्ध योजनाओं से परिचित हैं.

बंकर में सुरक्षित, सैन्य उत्तराधिकार की पूरी तैयारी
बताया जा रहा है कि खामेनेई एक बंकर में सुरक्षित रूप से छिपे हुए हैं और उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कई सैन्य कमांडरों के विकल्पों की नियुक्ति की है कि अगर उनके भरोसेमंद अधिकारी मारे जाते हैं, तो उनकी जगह तुरंत ली जा सके. इन अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि आयतुल्ला खामेनेई ने तीन सुप्रीम लीडर के नाम भी तय कर लिए हैं, जो उनकी मौत की स्थिति में उत्तराधिकारी बन सकते हैं.

बताया जा रहा है कि इस लिस्ट में अलीरेजा अराफी अली असगर हेजाजी, हासिम हुसैनी बुशहरी, अली अकबर वेलायती का नाम शामिल है. इन नामों में खास बात ये कि उनके बेटे मुजतबा खामेनेई का नाम नहीं है. इससे पहले उनका उत्तराधिकारी खामेनेई के बेटे को माना जा रहा था. यह कदम उनके तीन दशक लंबे शासन पर मंडराते संकट को दर्शाने वाला सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है.

तेहरान पर दिख रहा इजरायली हमलों का सबसे ज्यादा असर
इजरायल द्वारा पिछले शुक्रवार को शुरू किए गए हमलों के बाद से खामेनेई ने इस्लामिक गणराज्य को बचाए रखने के लिए कई असाधारण कदम उठाए हैं. हालांकि यह संघर्ष अभी केवल एक हफ्ते पुराना है, लेकिन इजरायल के ये हमले 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा सैन्य हमला माना जा रहा है. तेहरान, जो ईरान की राजधानी है, वहां इन हमलों का असर सबसे अधिक देखा गया है.

अस्पताल, रिफाइनरी, धार्मिक स्थल बने निशाना
सिर्फ कुछ ही दिनों में तेहरान में इजरायली हमलों से हुआ नुकसान सद्दाम हुसैन द्वारा पूरे आठ साल के युद्ध में किए गए नुकसान से कहीं अधिक बताया जा रहा है. हालांकि शुरुआती झटका लगने के बाद ईरान अब पुनर्गठित होकर हर दिन जवाबी हमले कर रहा है. इन जवाबी हमलों में एक अस्पताल, हाइफा तेल रिफाइनरी, धार्मिक स्थलों और घरों को निशाना बनाया गया है.

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