11 दिन बाद इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम, अमेरिकी दबाव और मिस्र की मध्यस्थता से रूका खूनी संघर्ष
मिस्र की मध्यस्थता के बाद इजराइल और फिलिस्तीन के हमास के बीच 11 दिनों बाद खूनी संघर्ष थम गया है. हाल के वर्षों में दोनों के बीच यह अब तक का सबसे बड़ा खूनी संघर्ष है जिसमें 300 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है.

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच 11 दिनों से जारी खूनी संघर्ष रुकता हुआ नजर आ रहा है. आज से दोनों के बीच युद्धविराम लागू हो जाएगा. मिस्र की मध्यस्थता और अमेरिकी राष्ट्रपति जोए बाइडेन के तहस-नहस हो चुके गाजा पट्टी पर दिए बयान के तत्काल बाद यह युद्धविराम हुआ है. बाइडेन ने मानवीय आधार पर इजराइली हमले में तबाह हुए गाजा पट्टी को बनाने का संकल्प लिया है.
पिछले कुछ सालों में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच यह सबसे बड़ा खूनी संघर्ष था. युद्धविराम के बाद गाजा पट्टी में मस्जिदों से इजराइली पर जीत के रूप घोषणा किया जा रहा है. 11 दिनों से खौफ के साए में जी रहे फिलिस्तीनी लोगों ने शुक्रवार को अपने-अपने घरों से निकलकर सड़क पर आ गए और जश्न मनाना शुरू कर दिया.
मिस्र की मध्यस्थता से युद्धविराम
स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार सुबह दो बजे से युद्धविराम हुआ. हमास के अधिकारियों ने इस्राइल के साथ युद्धविराम की आधिकारिक घोषणा कर दी लेकिन इस्राइली कैबिनेट ने युद्धविराम की पुष्टि की है लेकिन इसके लागू होने का समय नहीं बताया है। हालांकि खुशी में हमास ने कुछ रॉकेट भी दागे. इजराइल की तरफ से भी युद्धविराम के बाद कम से कम एक एयर स्ट्राइक किया गया. दोनों तरफ से बयान दिया गया है कि अगर युद्धविराम को उल्लंघन होता है तो वे जवाब देने के लिए तैयार है. इस बीच मध्यस्थता करने वाले मिस्र ने कहा है कि वह सीजफायर का निरीक्षण करने के लिए अपना एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा.
बाइडेन ने संघर्ष खत्म करने को कहा था
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू से संघर्ष खत्म करने का आह्वान किया था. इसके अलावा मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र मध्यस्थता में लगे थे. बाइडेन ने अपने टीवी संदेश में दोनों देशों में मरे लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह मानवीय आधार पर फिलिस्तीन को सहायता देने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करेगा. बाइडेन ने कहा कि वह फिलिस्तीनी प्रशासन के साथ सामंजस्यता से काम करेगा लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह हमास को हथियारों का जखीरा खड़ा करने देगा. हमास फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का विरोधी है.
हमास पहले से मजबूत बनकर उभरा
इस महीने के 10 मई को दोनों देशों के बीच खूनी संघर्ष शुरू हुआ था जब हमास के रॉकेट हमले में इजराइल में 8 लोगों की मौत हो गई थी. इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान गई है. गाजा के हेल्थ अधिकारियों के मुताबिक हमले में फिलिस्तीन के 232 लोग मारे गए हैं. इनमें 65 बच्चे भी शामिल हैं जबकि 1900 लोग घायल हैं. इजराइल का दावा है कि उसने हमास के 160 लड़ाकों को मार गिराया है. इजराइल में भी 12 लोगों के मरने की खबर है. इजराइल पर रॉकेट हमले और इजराइली हमले को मजबूती के साथ झेलने के बाद हमास पहले से ज्यादा ताकतववर बनकर उभरा है. गौरतलब है कि गाजा पट्टी पर हमास का बर्चस्व है.
हमास के कमांडरों को निशाना बनाया
इस दौरान गाजा के मध्य शहर दीर अल-बाला, दक्षिणी शहर खान यूनिस व गाजा के वाणिज्यिक मार्ग अल-सफ्तावी स्ट्रीट पर भी कई हवाई हमले हुए। इस्राइली सेना ने हमास आतकी कमांडरों के चार घरों को निशाना बनाया। हमलों में अल-खोजंदर में सो रहे 11 लोग घायल हो गए। नेतन्याहू ने बाइडन के समर्थन की सराहना करते हुए इस्राइलियों को सुरक्षा देने के लिए आगे बढ़ने की बात कही।
Source: IOCL

























