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US Iran War Poll: ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी नहीं ट्रंप के साथ? ताजा सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा, जानें क्या कह रहे आंकड़े

US Iran War Poll: ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका में मतभेद बढ़ गए हैं. कई नए सर्वे बताते हैं कि आधे से ज्यादा अमेरिकी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.

ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका में लोगों की राय बंटी हुई है. कई नए सर्वे बताते हैं कि ज्यादातर अमेरिकी इस कार्रवाई के समर्थन में नहीं हैं और उन्हें डर है कि इससे अमेरिका पहले से ज्यादा असुरक्षित हो सकता है. ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद किए गए कई सर्वे में यह सामने आया है कि अमेरिका में राजनीतिक दलों के आधार पर लोगों की राय अलग-अलग है. जहां रिपब्लिकन मतदाता बड़े पैमाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के साथ खड़े दिखाई देते हैं, वहीं डेमोक्रेट और स्वतंत्र मतदाता इस सैन्य कार्रवाई को लेकर ज्यादा चिंतित हैं.

क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी के एक नए सर्वे के अनुसार लगभग 53 फीसदी रजिस्टर्ड वोटर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हैं. करीब 40 फीसदी लोग इसका समर्थन करते हैं, जबकि लगभग 10 प्रतिशत लोग इस मुद्दे पर स्पष्ट राय नहीं दे पाए. इसी तरह इप्सोस के सर्वे में भी समर्थन से ज्यादा लोग इन हमलों का विरोध करते दिखाई दिए. कुछ अन्य सर्वे, जैसे वाशिंगटन पोस्ट और CNN के टेक्स्ट मैसेज सर्वे में भी यही रुझान दिखा कि अधिक अमेरिकी इन हमलों के पक्ष में नहीं हैं. हालांकि फॉक्स न्यूज के एक सर्वे में राय लगभग बराबर बंटी हुई दिखी, जिसमें आधे मतदाताओं ने कार्रवाई का समर्थन किया और आधे ने इसका विरोध किया.

कौन से सर्वे का क्या रहा नतीजा?

कई सर्वे में यह भी सामने आया कि बहुत से अमेरिकी मानते हैं कि सरकार ने हमले की वजह साफ तरीके से नहीं बताई. क्विनिपियाक के सर्वे में 55 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान ने अमेरिका के लिए तुरंत कोई सैन्य खतरा पैदा किया था. दूसरी तरफ Fox News के सर्वे में करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने माना कि ईरान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा है. जंग के कारण तेल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने का डर भी लोगों को परेशान कर रहा है. क्विनिपियाक के सर्वे में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने कहा कि उन्हें चिंता है कि इस जंग की वजह से अमेरिका में पेट्रोल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं. सिर्फ लगभग एक चौथाई लोगों ने कहा कि उन्हें इसकी ज्यादा चिंता नहीं है.

6 से 9 मार्च के बीच किए गए सर्वे का रिजल्ट

इप्सोस के 6 से 9 मार्च के बीच किए गए सर्वे के अनुसार लगभग दो-तिहाई अमेरिकियों को लगता है कि अगले एक साल में पेट्रोल की कीमतें और बढ़ सकती हैं. दिलचस्प बात यह है कि कई रिपब्लिकन मतदाता भी मानते हैं कि जंग के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं. जैसे-जैसे जंग मिडिल ईस्ट में फैल रही है, वैसे-वैसे अमेरिका की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है. क्विनिपियाक और Fox News के सर्वे में लगभग आधे मतदाताओं ने कहा कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई से अमेरिका कम सुरक्षित हो सकता है, जबकि करीब 30 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इससे देश ज्यादा सुरक्षित हुआ है. CNN के सर्वे में करीब 60 प्रतिशत अमेरिकियों ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप पर ईरान के खिलाफ सैन्य फैसले लेने को लेकर बहुत कम या बिल्कुल भरोसा नहीं है.

इसी तरह शिकागो यूनिवर्सिटी में एनओआरसी के एक सर्वे में भी 56 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें विदेशों में सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप के फैसलों पर बहुत कम भरोसा है. ज्यादातर अमेरिकी इस बात से भी चिंतित हैं कि जंग और बड़ी हो सकती है. क्विनिपियाक के सर्वे के अनुसार करीब तीन-चौथाई मतदाता ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिक भेजने के खिलाफ हैं. केवल लगभग 20 प्रतिशत लोग ही इस कदम का समर्थन करते हैं. यहां तक कि रिपब्लिकन मतदाताओं में भी 52 प्रतिशत लोग सैनिक भेजने के विरोध में हैं, जबकि 37 प्रतिशत इसके पक्ष में हैं.

अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर

हाल ही में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर आने के बाद यह चिंता और बढ़ गई है. अमेरिकी सरकार ने भी माना है कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की जान का खतरा हो सकता है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह उम्मीद करना सही नहीं होगा कि सरकार पहले से बताए कि वह इस जंग में कितनी दूर तक जाएगी. कुल मिलाकर नए सर्वे इस ओर इशारा दे रहा है कि अगर ईरान के साथ जंग लंबी चली और आर्थिक असर बढ़ा तो यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति और राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक सवाल बन सकता है.

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