ट्रंप का बड़ा बयान- भारत संग होगा व्यापार समझौता, टैरिफ कितना लगाएंगे, दे दिया सिग्नल
Trump India Trade Reaction: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता जल्द हो सकता है. ट्रंप ने संकेत दिए कि भारत अमेरिकी कंपनियों के लिए टैक्स कम सकता है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (01 जून, 2025) को कहा कि अमेरिका और भारत के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता जल्द हो सकता है. ट्रंप ने संकेत दिया कि भारत अब अमेरिकी कंपनियों के लिए टैक्स कम करने को तैयार है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारत में कारोबार करने का मौका मिलेगा.
एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि भारत के साथ हमारा एक अलग तरह का व्यापार समझौता होगा. ऐसा समझौता जिसमें हम भारत में जाकर खुलकर प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे." अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अभी तक विदेशी कंपनियों के लिए बाजार नहीं खोलता था, लेकिन अब वह बदलाव के संकेत दे रहा है. उन्होंने बताया कि यदि भारत ने ऐसा किया, तो अमेरिका कम टैक्स के साथ एक मजबूत व्यापार समझौता करेगा.
#WATCH | On trade deals with India, US President Donald Trump says, "I think we are going to have a deal with India. And that is going to be a different kind of a deal. It is going to be a deal where we are able to go in and compete. Right now, India does not accept anybody in. I… pic.twitter.com/6c199NGm8B
— ANI (@ANI) July 1, 2025
ट्रंप ने 2 अप्रैल को भारत पर लगाया था 26% टैरिफ
ट्रंप ने 2 अप्रैल को भारत पर 26% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा की थी, जिसे 90 दिनों के लिए टाल दिया गया है. हालांकि, 10% का न्यूनतम टैरिफ अभी भी लागू है. अगर दोनों देशों के बीच यह समझौता हो जाता है, तो यह व्यापारिक रिश्तों में एक बड़ा मोड़ हो सकता है. ट्रंप के हालिया बयान के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत मंगलवार को ठहर गई, और इसका सबसे बड़ा कारण बना है भारत का डेयरी सेक्टर.
डेयरी पर भारत का सख्त रुख
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि भारत अपने डेयरी बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोले, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह इस मांग पर कोई समझौता नहीं करेगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "डेयरी पर रियायत का सवाल ही नहीं उठता. यह हमारे लिए एक रेड लाइन है."
भारत में डेयरी सेक्टर करीब 8 करोड़ लोगों को रोजगार देता है, जिनमें अधिकांश छोटे किसान हैं. ऐसे में इस सेक्टर में किसी भी तरह की ढील देना सरकार के लिए संभव नहीं है.
समझौता टालने की हो रही कोशिश
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले हफ्ते से सोमवार तक वॉशिंगटन में अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत कर रहा था. भारत की तरफ से विशेष सचिव राजेश अग्रवाल इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, और उन्होंने गतिरोध को दूर करने के लिए अपनी यात्रा एक दिन और बढ़ा दी है.
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