'हमें भारत के साथ अपने संबंध...', ईरान जंग के बीच आई रूसी थिंक टैंक की रिपोर्ट, जानें क्या कहा?
India-Russia Relations: डॉ. ट्रेनिन ने कहा कि हमें चीन-भारत के बीच सकारात्मक संतुलन को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि US भारत का इस्तेमाल चीन के खिलाफ और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से हमारे खिलाफ न कर सके.

- नए विश्व युद्ध के बजाय 'एक नया विश्व युद्ध' कहा।
क्रेमलिन समर्थित रूस के प्रमुख थिंक टैंक और रूसी अंतरराष्ट्रीय मामलों की परिषद (RIAC) ने नव निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. दिमित्री ट्रेनिन ने भारत और चीन के साथ अपने संबंधों को संतुलित बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा है कि दो एशियाई रणनीतिक साझेदारों भारत और चीन के बीच सकारात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है.
वैश्विक मामलों के जानें-मानें विशेषज्ञ डॉ. दिमित्री ट्रेनिन को बुधवार (1 अप्रैल, 2026) को रूस के प्रतिष्ठित थिंक टैंक RIAC का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है, जिसके बाद उन्होंने अपने इंटरव्यू में भारत और चीन के साथ संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है.
भारत और चीन को लेकर संबंधों पर बोले डॉ. ट्रेनिन
रूसी के प्रमुख दैनिक अखबार कोमर्सेंट को शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को दिए इंटरव्यू में डॉ. ट्रेनिन ने कहा, ‘हमें अपने रणनीतिक साझेदारों चीन और भारत के बीच सकारात्मक संतुलन को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि अमेरिकी या कोई अन्य भारत का इस्तेमाल चीन के खिलाफ और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से हमारे खिलाफ न कर सके.’
उन्होंने कहा, ‘हमारा सबसे बड़ा पड़ोसी चीन स्वाभाविक रूप से हमारी ओर से सबसे करीब से ध्यान दिए जाने का पात्र है. इस पर व्यवस्थित रूप से ध्यान देने की जरूरत है. यही बात भारत पर भी लागू होती है, जिसके बारे में हमारी सकारात्मक, हालांकि अब भी कुछ हद तक सतही धारणा है.’
हम किसी के दबाव में नहीं आएंगेः ट्रेनिन
सोवियत-रूसी सेना के रिटायर्ड कर्नल 70 वर्षीय डॉ. दिमित्री ट्रेनिन का संबंध अमेरिका-रूस के बीच परमाणु और अंतरिक्ष हथियार वार्ताओं से रहा है. उन्होंने RIAC के अध्यक्ष के रूप में अपनी योजनाओं के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए कहा, ‘हम एक संप्रभु राष्ट्र हैं. हम किसी के दबाव में नहीं आएंगे और हम दुनिया को भी बिखरने नहीं देंगे.’ उन्होंने मौजूदा समय को पूरी तरह से उथल-पुथल भरा और नाटकीय करार दिया. उन्होंने 1994 में कार्नेगी मॉस्को सेंटर में काम शुरू किया था, लेकिन क्रेमलिन के यूक्रेन अभियान का समर्थन करने के कारण उन्हें 2022 में निदेशक पद से बर्खास्त कर दिया गया था.
‘तीसरा विश्व युद्ध’ कहे जाने पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि वह ‘तीसरा विश्व युद्ध’ वाक्यांश का प्रयोग करना पसंद नहीं करते है, क्योंकि इससे प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों में जो हुआ था, उसकी निरंतरता का आभास होता है. उन्होंने कहा, ‘ इससे ज्यादा सटीक वाक्यांश ‘एक नया विश्व युद्ध’ है, जो पहले दो युद्धों से अलग है.’
(रिपोर्ट - पीटीआई के इनपुट के साथ)
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