China Netherlands: चीन पर नीदरलैंड्स में अवैध पुलिस थाना बनाने का आरोप
China Netherlands : एनजीओ सेफगार्ड डिफेंडर्स के मुताबिक चीन ने पांच महाद्वीपों और 21 देशों में 54 'विदेशी पुलिस सेवा केंद्र' स्थापित किए थे. ज्यादातर केंद्र यूरोप के देशों में बनाए गए हैं.

China Netherlands : यूरोपियन देश नीदरलैंड्स में चीन ने दो पुलिस स्टेशन बना डाले. चौंक गए न. चीन की सरकार पर नीदरलैंड्स में कम से कम दो अघोषित पुलिस स्टेशन बनाने का आरोप लगाया गया है. नीदरलैंड्स की मीडिया पड़ताल में यह बात निकल कर सामने आई है.
डिप्लोमैटिक सेवा के नाम पर बना डाला पुलिस स्टेशन
डच मीडिया को सबूत मिले हैं कि चीन डिप्लोमैटिक सेवा देने के लिए विदेशी सर्विस स्टेशन के नाम पर ऐसे पुलिस स्टेशन बनाने में जुटा है. डच मीडिया का कहना है कि चीन ऐसे स्टेशनों का इस्तेमाल यूरोप में चीन के खिलाफ उठ रहे आवाजों को दबाने के लिए कर रहा है. चीन की नीतियों से असंतुष्ट लोगों को चुप कराने के मकसद से इन स्टेशनों का विकास किया गया है. डच विदेश मंत्रालय ने इस तरह के अनौपचारिक पुलिस चौकियों को अवैध बताया है. हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने इस तरह के किसी भी आरोप को खारिज़ किया है. चीन के विदेश मामलों के प्रवक्ता वांग वेनबिन का कहना है कि जिन केंद्रों को पुलिस चौकी बताया जा रहा है, दरअसल वो चीन के बाहर रह रहे चीनी नागरिकों को सुविधा पहुंचाने वाले स्टेशन हैं.
एनजीओ की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
चीन की इस हरकत का खुलासा सबसे पहले स्पेन स्थित एनजीओ सेफगार्ड डिफेंडर्स की एक रिपोर्ट से हुआ. इस एनजीओ के मुताबिक दो चीनी प्रांतों के सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो ने पांच महाद्वीपों और 21 देशों में 54 'विदेशी पुलिस सेवा केंद्र' स्थापित किए थे। इनमें से ज्यादातर यूरोप में हैं, जिनमें नौ स्पेन में और चार इटली में है. इस एनजीओ के मुताबिक चीन ने ब्रिटेन में भी ऐसे पुलिस स्टेशन बना लिए हैं. लंदन में दो और ग्लासगो में एक ऐसी चौकियों का पता चला है। इस एनजीओ का दावा है कि इस तरह के पुलिस यूनिट विदेशों में चीन के खिलाफ बन रहे माहौल को दबाने के लिए बनाए गए हैं. एनजीओ का तो यह भी कहना है कि इस तरह के स्टेशन के जरिए चीन अपने असंतुष्ट नागरिकों पर स्वदेश वापस लौटने का भी दबाव बनाता है.
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