एक्सप्लोरर

2014 के बाद ब्रिक्स में कैसे बढ़ा भारत का कद? जानें पीएम मोदी कैसे तय कर रहे वैश्विक एजेंडा

एक समय ऐसा भी था, जब BRICS में भारत को बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन साल 2014 के बाद से ब्रिक्स की रूपरेखा ही बदल गई. पीएम मोदी ने ब्रिक्स में भारत को लेकर बनी धारणा को बदलकर रख डाला.

ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य इसमें हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा के केन्द्र बिंदु बने हुए हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब ब्रिक्स का एजेंडा सेट करते हैं और भारत की बात को पूरी दुनिया सुनती है.

पहले BRICS में क्या थी भारत की स्थिति ?

एक समय ऐसा भी था, जब BRICS में भारत को बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाता था. साल 2009 से 2013 के बीच जब UPA 2 का शासन था, तब तमाम अंतरराष्ट्रीय मीडिया की तरफ से ब्रिक्स में भारत को लेकर सवाल खड़े किए जाते थे. कुछ रिपोर्ट में तो भारत को ब्रिक्स की सबसे कमजोर कड़ी तक बता दिया गया था. कुछ वैश्विक नीति निर्धारक इसे BRICS में India की जगह इंडोनेशिया करने का सुझाव तक देते थे. 

2013 में ब्रिक्स के सदस्य देशों के विकास दर को देखें तो भारत का विकास दर महज 5.5 फ़ीसदी था, जबकि ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के विकास दर में चीन 7.8%, ब्राजील 6.1%, रूस 6.5% और दक्षिण अफ़्रीका 5.7% थी. हालात ऐसे थे कि 2013 में भारत को दुनिया की 5 सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था कहा जाता था.

अन्य BRICS देशों से नीचे था भारत का विकास दर

वहीं साल 2013 में अगर हम ब्रिक्स देशों के औद्योगिक विकास दर की बात करें तो भारत महज 2 फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा था. जबकि चीन का औद्योगिक विकास दर 9.3%, ब्राजील का 8.4%, दक्षिण अफ्रीका का 7% औद्योगिक विकास दर था. साल 2013 तक भारत में महंगाई दर भी अन्य सदस्य देशों के मुकाबले काफी अधिक थी.

साल 2014 से बढ़ी भारत की भूमिका

साल 2014 में नरेन्द्र मोदी जब भारत के प्रधानमंत्री बने तो ब्रिक्स की रूपरेखा ही बदल गई. ब्रिक्स में भारत की धारणा को ही बदलकर रख डाला. प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2014 से हर ब्रिक्स सम्मेलन में ना सिर्फ हिस्सा लिया, बल्कि भारत के नजरिए से इसका एजेंडा भी सेट किया, जिसे ब्रिक्स के सभी सदस्य देश स्वीकार करने लगे. अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में रिपोर्ट किया जाता है कि भारत ब्रिक्स का मुख्य ग्रोथ इंजन बन चुका है. 

भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है. साल 2024-25 में भारत की GDP 6.5 प्रतिशत थी, जबकि चीन की 5%, रूस की 4.3%, ब्राजील की 3.4%, दक्षिण अफ्रीका की 0.6% जीडीपी रही. इन आंकड़ों के मुताबिक भारत ब्रिक्स देशों में बहुत आगे है.

भारत का औघोगिक विकास दर चीन से आगे

वहीं पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने औद्योगिक विकास दर में भी चीन को पछाड़ दिया है. भारत की औद्योगिक विकास दर 6.4% है, जबकि चीन 5.8% पर खड़ा है. वहीं रूस 4.5%, ब्राजील 3.1% पर दिखाई दे रहा है. ब्रिक्स देशों में भारत इस क्षेत्र में भी नंबर वन बन चुका है. साल 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ ब्रिक्स के बहुत सारे देशों के लिए एक उदाहरण है.

2014 तक ब्रिक्स को आमतौर पर वित्तीय सहयोग और बहुपक्षवाद के नजरिए से ही देखा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसके एजेंडे को ही बदलकर रख दिया. भारत के बहुत से मुद्दों को ब्रिक्स में जगह मिलने लगी है और अन्य देश स्वीकार करने लगे.

आतंकवाद विरोधी मुद्दों पर हुई बात

सबसे बड़ी बात यह रही है कि ब्रिक्स में आतंकवाद विरोधी मुद्दों पर चर्चा होने लगी. साल 2021 में ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप भी बना, जिसमें काउंटर टेररिज्म एक्शन प्लान को स्वीकार किया गया. आतंकी संगठन वित्तीय और डिजिटल नेटवर्क का दुरुपयोग ना कर पाएं, इस पर भी चर्चा हुई.

भारत ने ब्रिक्स में Digital Public Infrastructure (DPI) को भी लांच किया, जिसमें तकनीक के प्रयोग पर जोर दिया गया और भारत ने अपना उद्देश्य ब्रिक्स देशों के सामने रखे, जिसे बड़े स्तर पर लगातार समर्थन मिल रहा है.

तेजी से बढ़ती भारत की अर्थव्यवस्था

इसके अलावा ब्रिक्स में अब बात ग्लोबल साउथ के देशों की होती है. ब्रिक्स में चर्चा अंतरिक्ष सहयोग, ग्रीन डेवलपमेंट, एंटी करप्शन के प्रयास पर भी होती है. पहले यह सब मुद्दे ब्रिक्स में नहीं उठते थे. ऐसे मुद्दों को ब्रिक्स में चर्चा के लिए लाने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है. नए भारत की आवाज ब्रिक्स में सुनी जाती है और अब भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ब्रिक्स के देशों के लिए एक रोल मॉडल साबित हो रहा है. 

ये भी पढ़ें:- बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची महुआ मोइत्रा, चुनाव आयोग पर लगाया ये आरोप

पत्रकारिता के क्षेत्र में 12 साल से सक्रिय, सितंबर 2024 में ABP News के साथ जुड़े. विदेश मंत्रालय, संसद भवन, भारतीय राजनीति कवर करते हैं. यूपी की राजनीति को बहुत करीब से फॉलो करते हैं. ग्राउंड रिपोर्ट और स्पेशल स्टोरी पर फोकस. हाल ही में इजरायल वॉर डायरी पुस्तक भी लिखी है.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

इजरायल पर दागी मिसाइलों में ईरान ने लगाई स्पेन के PM की फोटो, लिखे ये मैसेज
इजरायल पर दागी मिसाइलों में ईरान ने लगाई स्पेन के PM की फोटो, लिखे ये मैसेज
Israel-US Iran War Live: '1970 के दशक से भी बदतर हालात...', ईरान युद्ध की वजह से तेल संकट से जूझ रही दुनिया, IEA के निदेशक ने क्या कहा?
Live: '1970 के दशक से भी बदतर हालात...', युद्ध की वजह से तेल संकट से जूझ रही दुनिया, IEA के निदेशक ने क्या कहा?
US Iran War: भारत में 95 तो पाकिस्तान में कितने रुपए प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोल, सिलेंडर कितने का?
भारत में 95 तो पाकिस्तान में कितने रुपए प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोल, सिलेंडर कितने का?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान ने लगाया $2 मिलियन का टोल, कहा- 'ये हमारे अधिकार को...'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान ने लगाया $2 मिलियन का टोल, कहा- 'ये हमारे अधिकार को...'

वीडियोज

Donald Trump के U-Turn ने दुनिया को चौंकाया | Iran Vs America Israel War
Iran-Israel War: Middle East में बारूद की बारिश ने बढ़ाया युद्ध का खतरा | World War3 | Drones Attack
Sansani: ट्रंप के लिए अमेरिका में नफरत बढ़ रही है? | Middle East
Owaisi करेंगे Humayun Kabir की पार्टी से गठबंधन? सियासत में हलचल | Breaking News
War Update: ईरान-इजरायल टकराव ने बढ़ाया दुनिया का खतरा | Iran Vs America Israel War | Janhit

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप के बाद अब स्कॉट बेसेंट ने दी धमकी, बोले- 'ईरान के किले...'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप के बाद अब स्कॉट बेसेंट ने दी धमकी, बोले- 'ईरान के किले...'
Bihar News: आज जेल से बाहर आएंगे अनंत सिंह, समर्थकों का जमावड़ा, कल मोकामा में करेंगे रोडशो
बिहार: आज जेल से बाहर आएंगे अनंत सिंह, समर्थकों का जमावड़ा, कल मोकामा में करेंगे रोडशो
ट्रंप की वजह से युद्ध में फंसा अमेरिका, पूर्व CIA चीफ का बड़ा आरोप, बताया ईरान से जंग का सबसे बड़ा नुकसान
ट्रंप की वजह से युद्ध में फंसा अमेरिका, पूर्व CIA चीफ का बड़ा आरोप, बताया ईरान से जंग का सबसे बड़ा नुकसान
आईपीएल के 19 साल के इतिहास में वो कौन सी टीम जिसने किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को कभी नहीं किया शामिल, नाम जानकर चौंक जाएंगे
आईपीएल के 19 साल के इतिहास में वो कौन सी टीम जिसने किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को कभी नहीं किया शामिल, नाम जानकर चौंक जाएंगे
Ustaad Bhagat Singh BO Day 4: 'धुरंधर 2' के आगे 'उस्ताद भगत सिंह' का हुआ बंटाधार, चार दिनों में बजट भी नहीं वसूल पाई फिल्म, जानें- कलेक्शन
'धुरंधर 2' के आगे 'उस्ताद भगत सिंह' का हुआ बंटाधार, चार दिनों में बस इतनी हुई कमाई
असम चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल छोड़ थामा 'हाथ'
असम चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल छोड़ थामा 'हाथ'
केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे ले सकते हैं दाखिला
केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे ले सकते हैं दाखिला
विदेश में शिक्षा की ओर बढ़ा भारतीय युवाओं का क्रेज...लाखों छात्रों ने किया रुख, जानें इसका कारण
विदेश में शिक्षा की ओर बढ़ा भारतीय युवाओं का क्रेज...लाखों छात्रों ने किया रुख, जानें इसका कारण
Embed widget