पैसे की हवस में अंधी हो चुकीं मायावती ने बाबा साहेब के मिशन को बेच दिया: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी के एक अकाउंट में नोटबंदी के बाद 104.36 करोड़ रुपये जमा कराए जाने के मामले में पार्टी की मुखिया मायावती की सफाई के बाद उनके पूर्व सहयोगी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने उन्हें 'पैसे की हवस में अंधी महिला' बताया है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मायावती की कड़ी निंदा की.

बीजेपी में परिवारवाद जैसी कोई बात नहीं
मौर्य ने कहा कि पैसे की हवस में अंधी हो चुकीं मायावती ने न केवल बाबा साहेब (भीमराव अंबेडकर) के मिशन को बेच दिया है, बल्कि उनके सपने भी चकनाचूर कर दिए हैं. उन्होंने कहा, "बीएसपी केवल सीटें नीलाम करने का काम करती है, पार्टी में लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जाती है, जबकि बीजेपी में परिवारवाद जैसी कोई बात नहीं है."
मौर्य ने उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को तीन सौ से अधिक सीटें मिलने और पार्टी के सत्तासीन होने का भी दावा किया. कुछ महीने पहले तक मयावती के साथ रहे मौर्य ने कहा कि नोटबंदी के कारण बीएसपी मुखिया का दिमागी संतुलन बिगड़ गया है.
मौर्य हाल में बीएसपी से बीजेपी में आए हैं. एक समय उनकी गिनती मायावती के सबसे करीबी और पार्टी के कद्दावर नेताओं में होती थी. वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव भी थे, लेकिन अब उनके रिश्ते इतने खराब हो चुके हैं कि मौर्य, मायावती पर अक्सर हमला बोलते रहते हैं.
बीएसपी के खातों में आयी करोडों की धनराशि पर सवाल कर रही है गरीब जनता: मौर्य
भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि काली कमाई वालों के चेहरे अब उजागर हो रहे हैं और प्रदेश की गरीब जनता मायावती से बीएसपी के खातों में आई करोडों रूपये की धनराशि पर सवाल खड़ा कर रही है.

मौर्य ने कहा, ''अब काली कमाई वाले लोगों के चेहरे उजागर हो रहे हैं. बीएसपी के खातों में नोटबन्दी के तुरन्त बाद 10 नवम्बर के बाद जमा हुई बडी धनराशि एक बडा सवाल है. मायावती बीएसपी के खातों में आये 104 करोड़ रूपये का हिसाब दें.''
उन्होंने कहा, ''आज उत्तर प्रदेश की गरीब जनता मायावती से बीएसपी के खातों में आई अरबों से अधिक धनराशि पर सवाल खड़ा कर रही है. उत्तर प्रदेश की गरीब जनता और अनुसूचित जाति वर्ग के लोग मायावती से पार्टी खाते में नोटबंदी के बाद आये एक अरब रूपये से भी अधिक की धनराशि पर प्रश्न कर रहे हैं.''
वोटों का व्यापार कर जुटाई गई अरबों की राशि
मौर्य ने कहा कि जनता जर्नादन को बाबा साहब भीमराव अम्बडेकर के सपने दिखाकर उनके वोटों का व्यापार कर यह अरबों की राशि एकत्रित की गयी, जिसका हिसाब उत्तर प्रदेश की गरीब जनता पूछ रही है.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा अब लोगों को नोटबन्दी के बाद मायावती की अनर्गल बयानबाजी का सच पता चल रहा है. उनकी परेशानी का असली कारण वोटों के व्यापार से एकत्रित कालाधन है.
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Source: IOCL





















