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यूपी: अमेजन को करोड़ों का चूना लगाने वाले दो जालसाज गिरफ्तार, ऐसे करते थे जालसाजी
सोहित सोनी और राहुल सिंह राठौर आलमबाग में किराए के मकान में रहकर गोरखधंधा कर रहे थे. पुलिस ने इनके कब्जे से आइसोप्योर प्रोटीन के 11 डब्बे, 29 सिमकार्ड, 7 मोबाइल फोन, गोल्ड स्टैंडर्ड प्रोटीन की नौ यूनिट, अमेजन के फर्जी स्टीकर और स्मार्ट वॉच बरामद किए हैं.

लखनऊ: लखनऊ की हजरतगंज की साइबर सेल और गौतमपल्ली की संयुक्त टीम ने अमेजन कंपनी को चूना लगाने वाले शातिरों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सोहित सोनी और राहुल सिंह राठौर को लखनऊ से गिरफ्तार किया है. ये दोनों बीटेक और आइटीआइ पास हैं. पुलिस के मुताबिक इन शातिर जालसाजों ने अमेजन को कई करोड़ रुपए का चूना लगा लगा चुके हैं. पुलिस ने बताया कि ये लोग अमेजन से प्रोटीन पाउडर मंगाते थे फिर कुछ दिनों बाद उसमें पत्थर भरकर वापस कर देते थे. इस तरह इन्होंने 2 से 3 महीने के अंदर ही डेढ़ करोड़ का प्रोटीन पाउडर खरीद लिया था. दरअसल अमेजन से मंगाए गए प्रोटीन पाउडर्स को ये सस्ते दामों पर जिम करने वालों को बेच देते थे. इस तरह बाकी कई चीजों के सहारे ये लोग अमेजन को कई करोड़ की कीमत का चूना लगा लगा चुके हैं.
इस मामले पर एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है अमेजन कम्पनी की तरफ गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें हजरतगंज नोडल अधिकारी साइबर क्राइम सेल द्वारा पुलिस द साइबर काइम सेल हजरतगंज की सयुक्त टीम गठित की गयी जिसके बाद ही मुखबिर व साइबर तकनीक का उपयोग करते हुए शातिर आरोपियों को गिरफतार कर लिया गया है.
शातिरों ने पूछताछ में बताया कि वो इस काम को 2017 से कर रहे हैं. उन्होंने कबूल किया वो लोग अमेजन की वेबसाइट पर जाकर फर्जी नाम व पता से ऑनलाइन अकाउन्ट बनाते थे, फिर इन अकाउन्टों का इस्तेमाल कर विनिन्न प्रकार के वे-प्रोटीन, एप्पल की स्मार्ट वाच, अमेजन के डिजिटल गिफ्ट कार्ड, व अन्य एप्पल के ही महगें डिजिटल समान की खरीदारी की जाती थी. फिर इन समानों को ऑनलाइन जाकर आर्डर कैन्सिल कर दिया जाता था लेकिन उसमें रखा हुआ माल निकाल कर उसमें अमेजन का मिलता जुलता स्टीकर लगाकर वापस कर देते थे.
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने केवल लखनऊ में ही नहीं जयपुर, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, व गुजरात, व उत्तराखंड और इसके साथ ही अन्य राज्यों में भी जालसाजी का कारोबार फैलाया हुआ है. इनके और भी साथी हो सकते हैं. फिलहाल अभी तक दो ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है जिससे इनके बाकी नेटवर्क क पता चल सके.
इस मामले पर एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है अमेजन कम्पनी की तरफ गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें हजरतगंज नोडल अधिकारी साइबर क्राइम सेल द्वारा पुलिस द साइबर काइम सेल हजरतगंज की सयुक्त टीम गठित की गयी जिसके बाद ही मुखबिर व साइबर तकनीक का उपयोग करते हुए शातिर आरोपियों को गिरफतार कर लिया गया है.
शातिरों ने पूछताछ में बताया कि वो इस काम को 2017 से कर रहे हैं. उन्होंने कबूल किया वो लोग अमेजन की वेबसाइट पर जाकर फर्जी नाम व पता से ऑनलाइन अकाउन्ट बनाते थे, फिर इन अकाउन्टों का इस्तेमाल कर विनिन्न प्रकार के वे-प्रोटीन, एप्पल की स्मार्ट वाच, अमेजन के डिजिटल गिफ्ट कार्ड, व अन्य एप्पल के ही महगें डिजिटल समान की खरीदारी की जाती थी. फिर इन समानों को ऑनलाइन जाकर आर्डर कैन्सिल कर दिया जाता था लेकिन उसमें रखा हुआ माल निकाल कर उसमें अमेजन का मिलता जुलता स्टीकर लगाकर वापस कर देते थे.
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने केवल लखनऊ में ही नहीं जयपुर, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, व गुजरात, व उत्तराखंड और इसके साथ ही अन्य राज्यों में भी जालसाजी का कारोबार फैलाया हुआ है. इनके और भी साथी हो सकते हैं. फिलहाल अभी तक दो ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है जिससे इनके बाकी नेटवर्क क पता चल सके. अयोध्या मामला: अंतिम दौर में पहुंची सुनवाई, रामनगरी में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू
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