गोरखपुर: बैंक से साढ़े नौ लाख का गबन कर लिखा दी चोरी की रिपोर्ट, कैशियर समेत तीन गिरफ्तार
बैंक में गबन किया और फिर जब लगा कि पकड़े जाएंगे तो चोरी की झूठी कहानी गढ़ दी. अब पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

गोरखपुरः बैंक के कैशियर और और दो अन्य कर्मचारियों को गोरखपुर पुलिस ने गबन और चारी के आरोप में गिरफ्तार किया है. कैशियर ने दो कर्मचारियों के साथ मिलकर बैंक से 9.57 लाख रुपए का गबन कर लिया. उसकी हरकत का किसी को पता न चले और रुपए भी न भरने पड़ें, इसके लिए उसने शातिर प्लान बनाया बैंक में चोरी की सूचना देकर रिपोर्ट लिखवा दी. कड़ाई से पूछताछ में तस्वीरे साफ हुईं, तो तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस लाइन्स सभागार में एसपी नार्थ अरविन्द कुमार पाण्डेय ने बताया कि चौरीचौरा इलाके के भोपा बाजार में फिनो पेमेंट बैंक है. इस बैंक में बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले पब्लिक रिलेशन आफीसर (कैशियर) प्रगट कुमार मिश्रा, मऊ जिले के रहने वाले सहायक कैशियर कृष्णकांत राय और चौरीचौरा के रहने वाले नौशाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. एसपी नार्थ ने बताया कि कैशियर प्रगट कुमार मिश्रा ने सोमवार को पुलिस को बैंक में 9.57 लाख रुपए की चोरी की सूचना दी.
बैंक में पहुंचने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने तीनों से पूछताछ की. तीनों ने ही बैंक में चोरी की जानकारी दी थी. उसके बाद प्रगट कुमार मिश्रा ने चोरी की एफआईआर भी दर्ज कराई थी. पूछताछ के दौरान ही पुलिस को तीनों पर शक हो गया. उन्होंने बताया कि बैंक के तिजोरी के एक्सपर्ट को बुलाया गया, तो उन्होंने बताया कि बैंक की तिजोरी को तोड़ा नहीं गया है. इसे चाबी से खोलने के बाद तोड़ने की झूठी कहानी रची गई है.
पुलिस की जांच में पता चला कि सीसीटीवी कैमरे और सायरन को चोरी की घटना के पहले खराब कर दिए गए थे. एसपी नार्थ ने बताया कि जांच में पता चला कि उस दिन बैंक की तिजोरी में 3.44 लाख रुपए ही थे. प्रगट कुमार मिश्रा और उसके साथियों के बार-बार बयान बदलने के बाद पुलिस को शक गहरा हो गया. उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने 3.44 लाख की चोरी की बात कुबूल कर ली. उनके पास से पुलिस ने 3.42 लाख रुपए बरामद कर लिया गया.
एसपी नार्थ ने बताया कि पुलिस की जांच में पाया गया कि तीनों ने छह माह के भीतर बैंक में रुपए लगातार शार्ट कर दिए थे. ऑडिट में भी गबन की बात सामने आई थी. बैंक की ओर से भी उनके खिलाफ एक्शन लिया गया था. वो राशि लगातार बढ़ती जा रही थी. इसी कारण तीनों ने मिलकर चोरी और पहले गबन किए हुए रुपए की भरपाई न करने पड़े इसलिए तिजोरी से रुपए निकालने के बाद उसे चोरी का रंग दे दिया. जिससे पूर्व में किए गए गबन को भी इसी में कवर कर लिया जाए. लेकिन, उस दिन तिजोरी में महज 3.44 लाख रुपए ही थे, इसलिए इन पर शक गहरा हो गया.
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना को चोरी का रूप देने के लिए इस्तेमाल किया गया सब्बल, 3.42 लाख रुपए और एक स्कूटी बरामद किया गया है. उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 380, 411, 409, 120 बी के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
























