बिहार: तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को लिखा खत, कहा- गरीब प्रवासियों को उनके घर पहुंचाएं
तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार को एक खत लिखा है.खत में उन्होंने लिखा कि गरीब प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया जाए.

पटना: कोरोना वायरस ने देश और दुनिया में कोहराम मचा रखा है. वहीं तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मांग की है कि बिहार के गरीब प्रवासी को बिहार वापस बुलाया जाए. तेजस्वी ने प्रेस रिलीज जारी कर लिखा कि विदेश से आए लोगों को घर पहुंचाया अब गरीबों को उनके घर पहुंचाया जाए.
तेजस्वी यादव ने लिखा कि प्रवासी मजदूर भाईयों का वीडियो देखकर मैं दुखी हो गया. मजदूर और मजलूम वर्ग का सूरत और मुंबई में अपने घर लौटने के लिये सड़क पर उतरना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है. सरकार गरीब मजदूर बंधुओं को उनके घर तक सकुशल पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं कर पा रही है? जैसे विदेशों से जो लोग आए उनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें अपने घर तक पहुंचाया गया उसी तरह देश के सभी गरीब प्रवासी लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें भी अपने घर भेजा जाए.
रेलगाड़ी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भेजें
उन्होंने कहा कि एक छोटे से रूम में 20 से अधिक गरीब मजदूर रहते हैं. क्या सरकार नहीं जानती वहां कैसी फिजिकल डिस्टेंसिंग है? 100 मजदूर एक शौचालय का प्रयोग करते हैं. अगर उन्हें देश भर में खड़ी रेलगाड़ियों में फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखकर वापस घर भेज दिया जाए तो क्या दिक्कत है? हमारे कार्यालय से दिनभर में हजारों मजदूरों से बात कर उनकी मदद की जा रही है. अब उनके पास पैसा, राशन-पानी कुछ नहीं है. जिनके पास है वो भी अपने घर जाना चाहते है.
अमीर और गरीब के लिए अलग कानून नहीं चलेगा
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस देश में अमीर और गरीब के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकता? बिहार सरकार तुरंत गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और पंजाब सरकारों से बात कर सभी बिहारियों को वापस लाएं. संकट की घड़ी में हम उन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकते. यह सरकार की नैतिक जिम्मेवारी है. दिल्ली से यूपी और बिहार में लाखों मजदूर आए क्या उनमें से कोई एक भी पॉजिटिव केस मिला? आपसे हाथ जोड़कर आग्रह है कि सभी को अपने प्रदेश वापस बुलाइए, उनको क्वॉरंटाइन करिए. टेस्ट कराइए लेकिन बुलाइए .मुसीबत की घड़ी में हर कोई अपने घर लौटना चाहता है.
उन्होंने कहा कि आदरणीय नीतीश जी, आप देश के वरिष्ठतम नेता हैं. हर जगह गठबंधन सरकारें है. जब उतराखंड में फंसे हजारों गुजरातियों को डिलक्स बस में विशेष इंतजाम करके अहमदाबाद ले जाया जा सकता है तो गरीब बिहारियों को 21 दिनों बाद भी साधारण ट्रेन में वापस क्यों नहीं लाया जा सकता? कृपया केंद्र सरकार से बात कर कोई रास्ता निकालिए.
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Source: IOCL
























