जेल में सामान्य कैदियों की तरह रखा गया है चिन्मयानंद को, पीड़िता ने कही ये बात
चिन्मयानंद ने जेल में सामान्य बंदियों की तरह दोपहर में दाल, सब्जी और रोटी खाई. हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सुरक्षित बैरक में रखा गया है.

शाहजहांपुर: कानून की छात्रा से रेप के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को एसआईटी ने शुक्रवार सुबह उनके आश्रम से गिरफ्तार कर लिया. उनसे रंगदारी की मांग करने के सिलसिले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है. एसआईटी ने चिन्मयानंद को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया और कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. चिन्मयानंद ने जेल में सामान्य बंदियों की तरह दोपहर में दाल, सब्जी और रोटी खाई. हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सुरक्षित बैरक में रखा गया है.
पीड़िता ने कही ये बात
पीडि़ता ने कहा कि बलात्कारी को मर्सिडीज में बैठाकर जेल भेजा गया है. हमें खुशी नहीं है और मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि यह सब क्या हो रहा है. मेरे साथ बलात्कार हुआ है. ऐसे में जिस दिन मैं एसआईटी के पास बयान देने गई थी, उसी दिन मैंने कहा था कि मेरे साथ स्वामी चिन्मयानंद ने बलात्कार किया है फिर धारा-376 क्यों नहीं लगाई गई. यह केवल फॉर्मेलिटी अदा की गई है. जिस लड़की के साथ बलात्कार हुआ, उसे न्याय नहीं दिया जा रहा है बल्कि स्वामी चिन्मयानंद को मर्सिडीज में बैठा कर जेल भेजा जा रहा है.
इस तरह हुई गिरफ्तारी
चिन्मयानंद के वकील ने उनके खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें लखनऊ के केजीएमयू में भेजने का निवेदन किया. एसआईटी ने स्वामी को मुमुक्षु आश्रम स्थित दिव्य धाम से सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर गिरफ्तार किया. इस दौरान एसआईटी के साथ भारी संख्या में स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा.
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, 'चिन्मयानंद को आज सुबह उनके आश्रम से एसआईटी ने गिरफ्तार किया है. एसआईटी ने उनका मेडिकल परीक्षण कराया. बाद में उन्हें कोर्ट ले जाया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. उनके साथ ही तीन अन्य लोगों को चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. तीन अन्य युवकों को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है.'
एसआईटी चीफ ने कही ये बात
एसआईटी प्रमुख पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा ने बताया कि चिन्मयानंद पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गयी है. अरोड़ा ने बताया कि मसाज की वीडियो क्लिपिंग भी चिन्मयानंद को दिखायी गयी, जिस पर चिन्मयानंद ने कहा, 'जब आपको सब पता ही चल गया है तो मुझे कुछ नहीं कहना. मैं अपना अपराध स्वीकारता हूं और अपने कृत्य के लिए शर्मिन्दा हूं.'
एसआईटी प्रमुख ने बताया कि संजय सिंह, सचिन सेंगर, विक्रम उर्फ दुर्गेश और एक अनाम शख्स (मिस ए) के खिलाफ भी आईपीसी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. संजय, सचिन और विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. एक जनवरी 2019 से लड़की ने संजय से लगभग 4200 बार फोन पर बात की जबकि उसने चिन्मयानंद से लगभग 200 बार बात की.
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण तथा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाए थे. लड़की ने अपनी और अपने परिवार को जान का खतरा बताया था.
इस मामले में पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था. इससे एक दिन पहले स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपए रंगदारी मांगने का भी मुकदमा दर्ज कराया था.






















