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अगस्त में करें इन तीन सब्जियों की खेती, होगी मोटी कमाई

Vegetables Farming: मानसून के इस मौसम में सही सब्जियां चुनकर आप त्योहारों के सीजन में बंपर मुनाफा छाप सकते हैं. जानिए उन 3 फसलों के बारे में जो आपको दिलाएंगी तगड़ा फायदा.

Vegetables Farming: अगस्त का महीना किसानों के लिए सिर्फ बारिश का मौसम नहीं बल्कि कमाई भरने का एक जबरदस्त मौका लेकर आता है. अक्सर किसान सोचते हैं कि मानसून में खेती करना जोखिम भरा है. लेकिन किसान इसी टाइम का फायदा उठाकर अच्छी कमाई कर सकते है अगर आप इस महीने सही सब्जियां लगा दें तो आने वाले त्योहारों जैसे नवरात्र, दशहरा और दिवाली के दौरान जब बाजार में सब्जियों के भाव आसमान छू रहे होंगे. 

तब आप सब्जी बेच के अच्छी कमाई कर सकते हैं. इस मौसम में अगेती सब्जियों की डिमांड काफी ज्यादा रहती है और सप्लाई कम, जिसकी वजह से रेट्स में तगड़ा उछाल देखने को मिलता है. बस आपको सही वैरायटी, उठी हुई क्यारियां और पानी निकलने का ध्यान रखना होगा. अगर आपके पास जमीन कम भी है तो कोई टेंशन नहीं. चलिए आपको बताते हैं अगस्त के महीने में वो कौन सी तीन सब्जियां हैं जिनकी खेती आपको बेहद कम समय में बंपर मुनाफा दिला सकती है.

अगेती फूलगोभी उगाएं

अगस्त में अगेती फूलगोभी की रोपाई करना आपको मालामाल बना सकता है. इस समय रोपे गए पौधे अक्टूबर तक तैयार हो जाते हैं जब आम सीजन की गोभी बाजार में आई भी नहीं होती. शुरुआत में आवक कम होने के चलते मंडी में आपको नार्मल दिनों से दो से तीन गुना ज्यादा भाव आसानी से मिल जाता है. खेती करते वक्त बस इतना ध्यान रखें कि खेत में बारिश का पानी न रुके, इसके लिए हमेशा मेढ़ बनाकर ही रोपाई करें. 

पूसा कातकी या पूसा दीपाली जैसी अगेती किस्मों का चुनाव करें, जो नमी और हल्की गर्मी को झेल सकती हैं. सही खाद और देखभाल से फूल का साइज और सफेदी बहुत शानदार आती है. जब बेदाग गोभी मंडी में पहुंचेगी तो व्यापारी बिना किसी मोल-भाव के मुंह मांगे दाम पर आपकी पूरी फसल खरीद लेंगे, जिससे आपकी मेहनत का पूरा और तगड़ा फायदा सीधे आपको मिलेगा.


अगस्त में करें इन तीन सब्जियों की खेती, होगी मोटी कमाई

हरी मिर्च से अच्छी कमाई

अगर आप एक ऐसा बिजनेस चाहते हैं जहां से हर हफ्ते आपकी जेब में पैसा आता रहे. तो अगस्त में हरी मिर्च की रोपाई से बेहतर कुछ नहीं. इस मौसम में मिलने वाला पानी पौधों की ग्रोथ को अचानक बढ़ा देता है. मिर्च की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार पौधे सेट हो गए, तो यह लगातार कई महीनों तक तुड़ाई देती रहती है. तीखी और चमकदार मिर्च की मांग घरों से लेकर बड़े-बड़े होटलों और प्रोसेसिंग यूनिट्स में सालभर बनी रहती है. 

लीफ कर्ल वायरस और रस चूसक कीड़ों से बचने के लिए हाइब्रिड बीजों का ही इस्तेमाल करें और मल्चिंग शीट जरूर बिछाएं. मल्चिंग से खरपतवार का झंझट खत्म हो जाता है और पौधों में मिर्च का उत्पादन भी दोगुना हो जाता है. हर हफ्ते मंडी जाकर मिर्च बेचना और तुरंत कैश फ्लो पाना आपके फार्मिंग मॉडल को बहुत मजबूत बना देता है. जिससे आपकी खेती का खर्च भी आसानी से निकलता रहता है.


अगस्त में करें इन तीन सब्जियों की खेती, होगी मोटी कमाई

यह भी पढ़ें: मसाले, औषधीय पौधे या फूल... कम जमीन में ज्यादा मुनाफा किसमें?

हरी धनिया अच्छा ऑप्शन

अगस्त के आखिरी हफ्ते में हरी धनिया की बुवाई करना कम समय में तगड़ा मुनाफा कमाने की सबसे बेस्ट ट्रिक्स में से एक है. मानसून के चलते बाजार में हरी धनिया की भारी किल्लत हो जाती है. जिससे इसके रेट्स 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाते हैं. धनिया की फसल महज 35 से 40 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है, यानी सबसे तेज रिटर्न! हालांक इस मौसम में गलने की बीमारी का खतरा रहता है, 

इसलिए शेड नेट का इस्तेमाल करें या उठी हुई क्यारियों पर ही बुवाई करें. बुवाई से पहले बीजों को दो हिस्सों में तोड़कर बीजोपचार जरूर कर लें ताकि फंगस का खतरा न रहे. अगर आपने थोड़ी सी सावधानी रखकर धनिया की फसल को बारिश से बचा लिया तो छोटे से प्लॉट से भी आप लाखों का शुद्ध मुनाफा कमा लेंगे. यह कम लागत में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली अगेती फसल है.

यह भी पढ़ें: ये हैं सोयाबीन की टॉप किस्में, कम समय में देंगी बेहतर मुनाफा

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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