गरीब सवर्णों के आरक्षण का आरजेडी ने किया विरोध, कहा- पिछड़ों को 85% रिजर्वेशन मिलना चाहिए
सोमवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए कहा था कि अगर 15 फ़ीसदी आबादी को 10 फीसदी आरक्षण तो फिर 85 फ़ीसदी आबादी को 90% आरक्षण हर हाल में मिलना चाहिए.

नई दिल्ली: गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के फैसले का आरजेडी ने विरोध किया है. आरजेडी के सांसद जय प्रकाश नारायण यादव ने लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी. उन्होंने कहा कि पहले हमें 85 फीसदी आरक्षण दीजिए उसके बाद जिसे देना है दीजिए. पिछड़ों को 85 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. गरीब सवर्ण आरक्षण एक धोखा है.
बता दें कि इससे पहले सोमवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए कहा था कि अगर 15 फ़ीसदी आबादी को 10 फीसदी आरक्षण तो फिर 85 फ़ीसदी आबादी को 90% आरक्षण हर हाल में मिलना चाहिए. 10 फीसदी आरक्षण किस आयोग और सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर दिया जा रहा है? सरकार विस्तार से बताए.
वहीं सवर्ण आरक्षण बिल का समाजवादी पार्टी ने समर्थन किया है. सपा के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा है कि आरक्षण आबादी के अनुपात में मिलना चाहिए. इसके अलावा आरएलएसपी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी इसका समर्थन किया है. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि आरक्षण से स्मृद्धि नहीं आ सकती. युवा पीढ़ी की उर्जा गलत जगह लग रही है. उन्होंने कहा कि आखिर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के पीछे सरकार की लॉजिक क्या है, ये उनकी समझ में नहीं आया. ये पांच, आठ या पंद्रह क्यों नहीं, सिर्फ दस ही क्यों? उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इसके पीछे की लॉजिक बताए.
























