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पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टर ने कहा- नजदीक से मारी गई थी विवेक तिवारी के सिर में गोली
एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी यूपी पुलिस की गोली का शिकार बन गए. उन्हें शुक्रवार-शनिवार की रात उस वक्त गोली मार दी गई जब वे अपनी सहकर्मी को उसके घर छोड़ने जा रहे थे. अब उनका पोस्टमार्टम हुआ है जिसमें शामिल एक डॉक्टर ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि बेहद नजदीक से विवेक तिवारी को गोली मारी गई है.

लखनऊ: एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी यूपी पुलिस की गोली का शिकार बन गए. उन्हें शुक्रवार-शनिवार की रात उस वक्त गोली मार दी गई जब वे अपनी सहकर्मी को उसके घर छोड़ने जा रहे थे. अब उनका पोस्टमार्टम हुआ है जिसमें शामिल एक डॉक्टर ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि बेहद नजदीक से विवेक तिवारी को गोली मारी गई है. यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की ओर से विवेक के चरित्र पर कोई सवाल नहीं उठाए गए हैं.
विवेक ने अपनी पत्नी को फोन पर बताया था कि वे सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे. इसके बाद गोमती नगर इलाके में पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा, विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने उन पर गोली चलाई. इसके बाद विवेक का गाड़ी एक खंबे से टकरा गई. गंभीर हालत में विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. सुल्तानपुर के रहने वाले विवेक तिवारी एपल कंपनी में एरिया मैनेजर के पद कार्यरत थे. घर में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं.
विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा," विवेक ने फोन पर बताया था कि वो सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे. मैंने बाद में फोन किया तो एक आदमी ने उठाया जिसने कहा कि एक्सीडेंट हो गया है, लोहिया पहुंचें आप. मैं लोहिया गई तो गोली की बात नहीं बताई गई, कहा गया कि छोटा सा एक्सीडेंट था. बाद में डॉक्टर ने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद ब्लीडिंग बहुत हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका."
उन्होंने कहा,"मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब चाहती हूं, पुलिस ने मेरे पति को मार दिया. अगर वो जैसी भी हालत में थे उन्हें गोली क्यों मारी गई. आरटीओ से नंबर के जरिए पता करते और फिर घर आते. गोली मारने की जरूरत क्यों आई?" विवेक के साले ने कहा,"जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां नहीं आते शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. हमने उन्हें इस दिन के लिए वोट नहीं दिया था. हमें इंसाफ चाहिए. हमें जवाब चाहिए."
विवेक ने अपनी पत्नी को फोन पर बताया था कि वे सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे. इसके बाद गोमती नगर इलाके में पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा, विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने उन पर गोली चलाई. इसके बाद विवेक का गाड़ी एक खंबे से टकरा गई. गंभीर हालत में विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. सुल्तानपुर के रहने वाले विवेक तिवारी एपल कंपनी में एरिया मैनेजर के पद कार्यरत थे. घर में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं.
विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा," विवेक ने फोन पर बताया था कि वो सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे. मैंने बाद में फोन किया तो एक आदमी ने उठाया जिसने कहा कि एक्सीडेंट हो गया है, लोहिया पहुंचें आप. मैं लोहिया गई तो गोली की बात नहीं बताई गई, कहा गया कि छोटा सा एक्सीडेंट था. बाद में डॉक्टर ने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद ब्लीडिंग बहुत हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका."
उन्होंने कहा,"मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब चाहती हूं, पुलिस ने मेरे पति को मार दिया. अगर वो जैसी भी हालत में थे उन्हें गोली क्यों मारी गई. आरटीओ से नंबर के जरिए पता करते और फिर घर आते. गोली मारने की जरूरत क्यों आई?" विवेक के साले ने कहा,"जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां नहीं आते शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. हमने उन्हें इस दिन के लिए वोट नहीं दिया था. हमें इंसाफ चाहिए. हमें जवाब चाहिए." और पढ़ें
Source: IOCL























