मुजफ्फरपुर कांड: बिना बड़े अधिकारियों की जानकारी के ऐसा नहीं हो सकता: पूर्व समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्लाह
परवीन अमानुल्लाह साल 2010 से 2013 तक बिहार की समाज कल्याण मंत्री रहीं. तब वह जेडीयू की टिकट पर चुनाव लड़ी थीं. फिलहाल उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली है.

पटना: मुजफ्फरपुर कांड को लेकर बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्लाह ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की. पूर्व समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि मेरे संज्ञान में ऐसा कभी नहीं आया. चार साल पहले ही मैंने विभाग छोड़ा है. एनजीओ सेलेक्शन प्रक्रिया में वित्तीय अनिमियत्ता की बात सामने आती थी. उसमें दिखता था कि प्रोसेस ठीक ढ़ंग से फॉलो नहीं हुआ. आंगन बाड़ी के संबंध में बहुत सारे शिकायत आते थे. उस दौरान बालिका गृह का मामला नहीं आया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बड़े अधिकारियों की जानकारी के ऐसा नहीं हो सकता है.
परवीन अमानुल्लाह साल 2010 से 2013 तक बिहार की समाज कल्याण मंत्री रहीं. तब वह जेडीयू की टिकट पर चुनाव लड़ी थीं. फिलहाल उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली है. उन्होंने कहा, ''ब्रजेश ठाकुर के यहां मैं नहीं गयी थी. सरकार की तरफ जो शेल्टर होम चलाया जा रहा था वहां मैं गई थी. मैं जांच करने शेल्टर होम में गई थी. उस समय कोई मामला नहीं आया था. कोई शिकायत भी नहीं हुई. मैंने बच्चियों से बातचीत भी की थी. उस समय मैं उनके बीच में काफी देर बैठी. लिखित में भी शिकायत नहीं आई.''
मुजफ्फरपुर कांड को वे कभी सड़क पर नहीं आईं. इसपर परवीन अमानुल्लाह ने कहा कि हम पिछले दो महीने से परिवारिक कार्यक्रम में विदेश गये थे. सीबीआई की तरफ से पूछताछ के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई मुझसे जानकारी मांगेगी तो बिल्कुल देंगे. इसके अलावा उन्हें सारे फाइले देखनी चाहिए, कैसी चयन प्रक्रिया होती है, कैसे मॉनिटरिंग की जाती है, विभाग ने फॉलो किया या नहीं.
पूर्व मंत्री ने कहा, ''इस मामले पर सरकार को घेरे में लेंगे. ये बच्चियां सरकार की अमानत हैं. इस घृणित करने वाली घटना का जितना बहिष्कार किया जाए वो कम है. हम चाहेंगे कि सारे गृह सुरक्षित हों. ये जांच का विषय है कि कौन-कौन जिम्मेदार है. मुझे विभाग के अच्छे अधिकारियों से काफी मदद मिलती थी. बिना बड़े अधिकारियों की जानकारी के ऐसा नहीं हो सकता है.''
Source: IOCL

























