मुजफ्फपुर शेल्टर हाऊस केस: डीजीपी ने कहा- CBI जांच की जरूरत नहीं
डीजीपी ने कहा कि एक अभियुक्त के खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तार ब्रजेश ठाकुर संस्था का संचालक है.

पटना: मुजफ्फरपुर शेल्टर हाऊस मामले पर डीजीपी केएस द्विवेदी ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि शेल्टर हाऊस में बालिकाओं से यौन शोषण की पुष्टि हुई है. समाज कल्याण विभाग के ऑडिट रिपोर्ट से बिहार में कई जगह बालक-बालिकाओं से दुर्वव्यवहार की जानकारी मिली थी. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि बिहार के शेल्टर होम में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म मामले में सीबीआई जांच का आदेश केंद्र सरकार तब देगा जब इसके लिए राज्य सरकार आग्रह करेगी.
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केएस द्विवेदी ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर में बालिकाओं से यौन शोषण का मामला सामने आया. 31 मई 2018 को मुजफ्फरपुर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. प्राथमिकी दर्ज कर मुजफ्फरपुर पुलिस ने जांच शुरू की. कार्रवाई करते हुए 2 जून 2018 को आठ अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा. इसके बाद 4 जून 2018 को पीड़िताओं का बयान दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने यौन शोषण की बात कही.
डीजीपी ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रहने वाली 29 लड़कियों का मेडिकल रिपोर्ट पॉजिटिव आया. अनुसंधान के बाद यह केस 342, 323, 326, 354A,354B, 376C, 120D, 109, 504, 506,34 आईपीसी की धारा के तहत 11 अभियुक्तों के खिलाफ सही पाया गया. इनमें 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
इसके साथ ही डीजीपी ने कहा कि एक अभियुक्त के खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तार ब्रजेश ठाकुर संस्था का संचालक है. दूसरे लोगों में विकास कुमार, रवि कुमार, रौशन, दिलीप वर्मा, इंदु कुमारी, मंजू देवी, हेमा मसीह, मीनू देवी, नेहा कुमारी, किरन कुमारी, चंदा देवी को गिरफ्तार किया गया है. तीन लड़कियों ने बयान दिया था कि एक लड़की को यहीं मारकर दफना दिया गया लेकिन खुदाई करने पर वैसा कोई साक्ष्य नहीं मिला. आगे की कार्रवाई तत्परता से की जा रही है. सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है.





















