सीएम सिटी में टैक्स चोरी रोकने को नगर निगम की अनोखी पहल, हर घर के बाहर लगेगी नेम प्लेट
महानगर की जनसंख्या से लेकर आवास की वास्तविक संख्या जानने के लिए नगर निगम डोर-टू-डोर सर्वे कराएगा. हर घर के बाहर मुखिया की नेम प्लेट लगेगी. इसके साथ ही घर में रहने वाले सदस्यों का ब्योरा भी नगर निगम जुटाएगा.

गोरखपुर: नगर निगम ने टैक्स चोरी रोकने के लिए नायाब तरीका ढूंढ निकाला है. महानगर की जनसंख्या से लेकर आवास की वास्तविक संख्या जानने के लिए नगर निगम डोर-टू-डोर सर्वे कराएगा. इससे सभी आवास, दुकानें, प्रतिष्ठान, मैरेज हाल, नर्सिंग होम चिन्ह्ति हो जाएंगे. इससे नगर निगम को जहां टैक्स चोरी रोकने में सफलता मिलेगी . वहीं निगम का राजस्व भी बढ़ेगा. इसके साथ निगम के दायरे में आने वाले लोगों की वास्तविक जनसंख्या भी साफ हो जाएगी. राशन कार्ड, निर्वाचन नामावली, आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, एपीएल कार्ड को लेकर भी काफी सहूलियत मिलेगी.
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डोर-टू-डोर सर्वे कराएगा नगर निगम
महानगर की जनसंख्या से लेकर आवास की वास्तविक संख्या जानने के लिए नगर निगम डोर-टू-डोर सर्वे कराएगा. हर घर के बाहर मुखिया की नेम प्लेट लगेगी. इसके साथ ही घर में रहने वाले सदस्यों का ब्योरा भी नगर निगम जुटाएगा. लखनऊ की टीम को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है. 8 महीने में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. भवन स्वामियों से सर्वे की एवज में फर्म 50 रुपये शुल्क लेगी. पूरी जानकारी लेने के बाद संस्था के सदस्य घरों के बाहर नेम प्लेट भी लगाएंगे.
नेशनल कामर्शियल कॉर्पोरेशन को दी गई जिम्मेदारी
नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या दस्तावेजों के लिहाज से करीब 7 लाख है. जनसंख्या के हिसाब से ही सरकार नगर निगम को सुविधाएं देती है. डोर-टू-डोर सर्वे को लेकर नगर आयुक्त ने लखनऊ की एक कंपनी नेशनल कामर्शियल कॉर्पोरेशन को जिम्मेदारी सौंपी है. प्रत्येक भवन स्वामी से कंपनी के सदस्य 50 शुल्क की रसीद भी कंपनी द्वारा दी जाएगी. सभी दुकान और प्रतिष्ठान, प्राइवेट विद्यालय, नर्सिंग होम आदि को लेकर जानकारी दी जाएगी.

नगर निगम प्राथमिकता के आधार पर पर कर रहा है ये काम नगर निगम के नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह का कहना है कि नगर निगम में लगभग 1 लाख 31 हजार से ज्यादा भवन है. शहर में बहुत से ऐसे मकान हैं, जो नए बन रहे हैं. दुकान, होटल, मैरिज हॉल, नर्सिंग होम इनका निर्माण लगातार चल रहा है. ऐसे भवनों को चिन्हित कर उन पर टैक्स लगाने का कार्यवाही नगर निगम द्वारा की जा रही है. इसके साथ ऐसे भवन, जिन्होंने अपना अतिरिक्त निर्माण किया है, उन्हें भवनों को चिन्हित कर उन पर नंबर लगाने का कार्य किया जाएगा. इस कार्य को नगर निगम प्राथमिकता के आधार पर कर रहा है.
नगर निगम की आय में होगी बढ़ोतरी
व्यावसायिक भवनों में खासकर होटल, मैरिज हाल, नर्सिंग होम, दुकानें व अन्य प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर की जा रही है. नगर निगम द्वारा आरोपित पूर्व के टैक्स से लगभग दोगुने से ज्यादा आरोपण किया गया है. इससे नगर निगम की आय में काफी बढ़ोतरी होगी. नगर निगम अपने खर्च को इससे मेंटेन कर पाएगा और नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दे पाएगा. साथी साथ नागरिकों की आवश्यकता को देखते हुए भवनों पर जो नम्बरिंग किये जा चुके है, उन भावनाओं पर नंबर प्लेट लगाए जाएंगे. राशन कार्ड, निर्वाचन नामावली, आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, एपीएल कार्ड आदि को लेकर काफी सहूलियत मिलेगी.
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परिवार के सदस्यों के साथ महिला, पुरुष और बच्चों की जानकारी लेगी टीम
सर्वे करने वाली टीम सर्वे कर परिवार के सदस्यों के साथ महिला, पुरुष और बच्चों की जानकारी लेगी. टीम के सदस्य देखेंगे मकान कितने क्षेत्रफल में बना है. भवन घरेलू है कि कामर्शियल ये भी जांच की जाएगी. उसमें शौचालय है कि नहीं ये भी देखा जाएगा. सर्वे टीम नेम प्लेट पर मकान नंबर के पुराने नंबर के साथ-साथ नया नंबर भी जारी करेगी. निगम के आंकड़े में फिलहाल नया नंबर दर्ज नहीं होगा. पुराने मकान नंबर में छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा.

लोगों को मिल पाएगा सरकारी सुविधाओं का लाभ नगर निगम के महापौर सीताराम जायसवाल का कहना है कि नगर निगम ने नई पहल की है. इससे बहुत से ऐसे लोग टैक्स के दायरे में आ जाएंगे, जिनका नगर निगम के पास रिकार्ड नहीं है. नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी. वहीं नगर निगम क्षेत्र की सही जनसंख्या का पता चलने से सरकार के साथ यहां रहने वाले लोगों को भी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा.
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1,31,000 हजार मकान हाउस टैक्स के दायरे में आते हैं सर्वे से नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होने की काफी उम्मीद है. फिलहाल नगर निगम में 1,31,000 हजार मकान हाउस टैक्स के दायरे में आते हैं. वहीं नगर निगम के अधिकारियों का मानना है, कि शहर में डेढ़ लाख से अधिक मकान है. 15000 से अधिक लोग हाउस टैक्स के दायरे में आएंगे, तो नगर निगम की आय में काफी बढ़ोतरी हो जाएगी. जिससे कि नगर निगम लोगों को काफी सहूलियत और सुविधाएं मुहैया करा पाएगा. शहर के विकास के लिए शासन से मिलने वाली राशि में भी बढ़ोत्तरी होगी. इससे विकास कार्यों में गति आएगी.
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Source: IOCL






















