जाधव मामला: पाकिस्तान ने बताया अपनी जीत तो गिरिराज सिंह ने ली चुटकी,कहा- आपकी गलती नहीं, ICJ का फैसला अंग्रेजी में था
जाधव मामले में ICJ के कुछ फैसलों का हवाला देकर पाकिस्तान इस मामले में अपनी जीत और भारत की हार प्रचारित कर रहा है. अब इसी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पाकिस्तान सरकार के ट्वीट पर चुटकी ली है.

नई दिल्ली: कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी. ICJ ने बुधवार को फैसला सुनाया कि पाकिस्तान को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर फिर से विचार करना चाहिए. अपनी इस हार को पाकिस्तान पचा नहीं पा रहा है.
ICJ का फैसला आने के बाद पाकिस्तान ने इस मामले में अपनी जीत और भारत की हार प्रचारित कर रहा है. इसपर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पड़ोसी देश की सरकार को लपेट लिया. गिरिराज सिंह ने ट्वीट करते हुए पाकिस्तान की खिल्ली उड़ाई. उन्होंने लिखा, '' आपकी (पाकिस्तान) गलती नहीं है, क्योंकि ICJ का फैसला अंग्रेजी में था.'' गिरिराज सिंह के ट्वीट से ऐसा लगता है कि उनका इशारा पाकिस्तानियों की कथित खराब अंग्रेजी पर था, जिसके चलते सोशल मीडिया पर भारतीय समर्थक उनकी मौज लिया करते हैं.
Not your fault .. judgment delivered in English . https://t.co/5zZcoufgEC
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) July 17, 2019
क्या कहा ICJ ने
बुधवार को हिंदुस्तान की एक और बड़ी जीत हुई और पाकिस्तान को एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. पाकिस्तान की इस हार के साथ कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लग गई. नीदरलैंड्स के द हेग में दुनिया की सबसे बड़ी अदालत ने कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान के झूठ को उजागर कर दिया. भारत लंबे समय से पाकिस्तान के इस झूठ के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था और आखिरकार दुनिया की सबसे बड़ी अदालत के फैसले ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय किरकिरी करवा दी.
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के अध्यक्ष जज अब्दुलकावी अहमद यूसुफ के फैसले साथ ही पाकिस्तान का दोहरा रवैया एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया. इंटरनेशनल कोर्ट के 16 में से 15 जजों ने फैसला भारत के पक्ष में दिया. फैसले में कहा गया कि कुलभूषण जाधव को बिना किसी देरी के उनके अधिकारों के बारे में नहीं बताकर पाकिस्तान ने विएना संधि के अनुच्छेद 36 का उल्लंघन किया है. अदालत ने कहा, ''पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया, और इस तरह से पाकिस्तान ने विएना संधि के आर्टिकल 36 का उल्लंघन किया. पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से मिलने, बात करने और न्यायिक प्रतिनिधित्व करने से भी रोका और ये भी विएना संधि का उल्लंघन है.'' अदालत ने ये आदेश दिया कि पाकिस्तान तत्काल प्रभाव से कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों के बारे में बताए और उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस दे. काउंसलेर एक्सेस का मतलब ये हुआ कि भारत के अधिकारी पाकिस्तान की जेल में कुलभूषण से मिल सकेंगे. अदालत ने ये भी कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा पर जरूर पुनर्विचार करे. यानी एक तरह से फिलहाल कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी गई है.
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Source: IOCL























