गिरिराज का नीतीश पर 'गुरिल्ला वार', बिहार में गठबंधन खत्म करने वाले ट्वीट को किया रिट्वीट
बिहार पुलिस की विशेष शाखा के तत्कालीन एसपी राजीव रंजन ने लोकसभा चुनाव के कुछ दिन बाद अपने विभाग के डीएसपी से आरएसएस के 19 संगठनों के नेताओं और पदाधिकारियों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी. इस रिपोर्ट की कॉपी जब मीडिया के हाथ लग गई तो नीतीश कुमार की सरकार बैकफुट पर आ गई.

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आरएसएस नेताओं के सम्बंध में जानकारी जुटाने वाले आदेश को लेकर अब बीजेपी के कई नेता हमलावर हो गए हैं. कई बार अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मामले पर सीधा तो कुछ नहीं कहा लेकिन वह नीतीश कुमार पर गोरिल्ला वार के ज़रिए हमला कर रहे हैं. गिरिराज सिंह ने पिछले दिनों इफ़्तार पर सीएम नीतीश कुमार पर एक ट्वीट कर हमला किया था, जिसपर बीजेपी के बड़े नेताओं ने एतराज़ जताया था और आगे से ऐसा नहीं करने की हिदायत दी थी. इसको ध्यान में रखते हुए अब गिरिराज सिंह खुद सामने न आकर अपने समर्थकों के ज़रिए नीतीश पर हमला कर रहे हैं.
गिरिराज सिंह के करीबी संतोष रंजन राय ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर हमला बोला. उन्होंने ट्वीट किया, " कहां घिनौनी राजनीति में लगे पड़े हैं माननीय नीतीश कुमार जी, समाज की सेवा में लगे संघ एवं संघ के सहयोगी संगठन की जांच करवाकर क्या मिलेगा? बिहार बाढ़, अपराध और बेरोज़गारी की चपेट में है. उसका संज्ञान लीजिए. कुछ काम कीजिए. आपके पास नया आइडिया खत्म हो गया है.'' गिरराज सिंह ने संतोष रंजन राय के इस ट्वीट को रिट्वीट किया है.
इसी तरह एक और शख्स राजीव सिंह ने ट्वीट में लिखा है" मैं बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से आग्रह करता हूं कि बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार जिस तरह से आरएसएस के सभी शाखाओं के लिए जांच का आदेश दिया है. इस अपमान के लिए गठबंधन खत्म किया जाए ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा रहे. जय बीजेपी.'' गिरिराज सिंह ने इस ट्वीट को भी रिट्वीट किया.
इससे साफ है कि बेशक गिरिराज सीधे नीतीश पर हमलरा न बोल रहे हो लेकिन ट्विटर के ज़रिए गिरिराज अपने समर्थकों को यह बता रहे हैं कि वो उनकी भावनाओं के साथ हैं. हालांकि सुशील मोदी ने आरएसएस जांच प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया था. उन्होंने ट्वीट कर इसे शरारतपूर्ण बताया. बाद में एडीजी जे एस गंगवार ने इसपर सफाई दी और पूरे मामले की जांच करने की बात कही है. सूत्रों के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार स्पेशल ब्रान्च की इस चिट्ठी को लेकर काफी नाराज़ हैं. अपने अधिकारियों को तलब कर इसपर जवाब मांगा है. नीतीश कुमार के पास ही गृह मंत्रालय है. ऐसे में सारे आरोप की उंगली उन्हीं की तरफ उठ रही है. जेडीयू बचाव की मुद्रा में है. बीजेपी के प्रदेश के नेता बीच बचाव में लगे हैं. लेकिन गिरिराज सिंह इस मुद्दे को छोड़ने के पक्ष में नहीं.
क्या लिखा था स्पेशल ब्रांच का चिट्ठी में?
दरअसल 28 मई को पटना के एसपी (स्पेशल ब्रांच) ने डिप्टी एसपी (स्पेशल ब्रांच) को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें कहा गया था कि आरएसएस और उससे जुड़े 19 सहयोगी सगंठनों के पदाधिकारियों का नाम, पता, फोन नंबर और पेशे का ब्यौरा एक हफ्ते के अंदर जुटाया जाए. पदाधिकारियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष या संयुक्त सचिव और ऐसे ही दूसरे पदभार संभाल रहे लोगों का ब्यौरा मांगा गया.गिरिराज सिंह ने जनसंख्या वृद्धि को धर्म से जोड़ा, कहा- भारत सांस्कृतिक विभाजन की ओर बढ़ रहा है
इस चिट्ठी में आरएसएस के अलावा विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी और हिंदू पुत्र संगठन का नाम शामिल हैं.यह भी देखें
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