कुंभ नगरी में खेली जा रही फूलों की होली, तीन दिनों तक होता है आयोजन
मंदिर में फूलों की यह अनूठी होली यहां होलिका दहन के साथ ही शुरू होती है और तीन दिनों तक लगातार चलती रहती है.

प्रयागराज: होली के मौके पर संगम के शहर इलाहाबाद में जहां एक तरफ अबीर - गुलाल उड़ाते हुए मस्ती में सराबोर होकर रंग बरसाए जा रहे हैं तो वहीं मठ- मंदिरों में ख़ास आध्यात्मिक अंदाज़ में यह त्यौहार मनाया जा रहा है. होली के मौके पर आज सुबह भगवान कृष्ण के इस्कॉन मंदिर में फूलों की होली खेली गई.
इस मौके मंदिर में मौजूद सैकड़ों भक्तों ने एक - दूसरे पर इस कदर फूल बरसाए कि चारों तरफ सिर्फ फूलों की पंखुड़ियां ही नजर आईं. अनूठे आध्यात्मिक अंदाज़ में मनाई गई फूलों की इस होली के ज़रिये लोगों को प्रेम व शांति का संदेश दिया गया. इस्कॉन मंदिर में हुए इस ख़ास आयोजन के लिए कोलकाता से कई ट्रक फूल मंगाए गए थे.
मंदिर में फूलों की यह अनूठी होली यहां होलिका दहन के साथ ही शुरू होती है और तीन दिनों तक लगातार चलती रहती है. इस अनूठी होली में शामिल होने और इसे देखने के लिए देश के कोने कोने से लोग आते हैं. इसके साथ ही गली -मोहल्लों और कालोनियों में भी जमकर रंग बरसाए जा रहे हैं. होली की मस्ती का लुत्फ़ उठाने में महिलाओं की टोली भी कतई पीछे नहीं है.
होली के मौके पर कहीं पिचकारी से रंग बरसाए जा रहे हैं तो कहीं हुलियारों की टोली अबीर- गुलाल उड़ा रही है, संगम नगरी के इस्कॉन मंदिर में भक्ति गीतों के बीच फूलों की ऐसी होली खेली जा रही है, जिसमे शामिल होकर लोग मस्ती और भक्ति के अनूठे समागम में सराबोर होकर रोमांचित व आहलादित हो रहे हैं.
यहां लोग एक दूसरे पर फूल बरसाते हुए मस्ती में मगन होकर डांस कर रहे हैं. हुलियारों की टोली यहां एक दूसरे पर इस तरह फूल बरसा रही है मानो फूलों की बारिश हो रही हो. फूलों की होली खेलने वाले भक्तों के मुताबिक़ फूलों की ख़ुशबू तन ही नहीं बल्कि मन को भी रंग डालती है.
संगम नगरी इलाहाबाद की होली पूरे देश में मशहूर है. यहां लगातार तीन दिनों तक सडकों पर रंग तो बरसाए ही जाते हैं, साथ ही समूचा शहर कई दिन पहले से ही होली की खुमारी में डूबने लगता है. यहां मस्ती और भक्ति की होली का अनूठा संगम व इसके अलग- अलग रंग भी देखने को मिलते हैं.
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