बिहार: प्रवासियों को घर पहुंचाने में लगी राज्य परिवहन की 225 बसें, अब तक 10500 लोगों को गांव तक पहुंचाया गया
जिन लोगों से उनके गांवों तक पहुंचाया जा रहा है वे वहां 14 दिनों के क्वॉरन्टीन में रहेंगे. इसके लिए व्यवस्था की गई है. अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.

पटना: मंगलवार को देश में मंगलवार को लॉकडाउन का सांतवा दिन रहा. विभिन्न राज्यों से बिहार बॉर्डर पर 10500 प्रवासी आए. इनका बॉर्डर पर बने शिविरों में मेडिकल स्क्रीनिंग करने के बाद विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन द्वारा भेजने की व्यवस्था की गयी. बिहार के परिवहन विभाग ने एबीपी न्यूज़ को दी जानकारी.
परिवहन विभाग की बसों से प्रवासियों को जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय में उनके गांव के स्कूल में लाया जा रहा है. विभिन्न स्कूलों में 14 दिनों तक क्वॉरन्टीन में रखने की व्यवस्था है. अलग-अलग जिलों में जिलाधिकारी और जिला परिवहन पदाधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
कैमूर, गोपालगंज, गया, किशनगंज, पूर्णिया, सिवान और नवादा आदि बॉर्डर पर दूसरे राज्य से आए लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए राहत शिवर बनाए गए हैं. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न राज्यों से आये प्रवासियों को गांव तक पहुंचाने के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश के आलोक में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इसके लिए पर्याप्त संख्या में सभी जिलों के लिए बस की व्यवस्था की गई.
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के मुताबिक, विभिन्न राज्यों से आए लोगों को गांव तक पहुंचाने के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश के आलोक में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
मंगलवार को कुल 225 बसों से 10500 लोगों को बिहार के विभिन्न बॉर्डर से जिला मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालय में उनके गांव तक पहुंचाया गया. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए यात्रियों को बस में बैठने से पहले और गंतव्य पर उतराने के बाद बसों को सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है. हर जिलों के लिए यात्रियों की संख्या के अनुसार बस की व्यवस्था की गई है. सभी चेकपोस्ट पर जिला परिवहन पदाधिकारी की तैनाती की गई है. उनके देख रेख में बसों का परिचालन किया जा रहा है.
Source: IOCL

























