Mumbai News: चाचा से सीखा ड्रग्स बनाने का तरीका, 75 करोड़ की फैक्ट्री का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 2 गिरफ्तार
Mumbai News In Hindi: मुंबई पुलिस ने साकीनाका में 75 करोड़ रुपये की MD ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. मुख्य आरोपी वझूल चौधरी और ओला-उबर ड्राइवर मुस्कान खान गिरफ्तार हुए हैं.

मुंबई के साकीनाका पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए MD ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 75 करोड़ रुपये मूल्य की MD ड्रग्स जब्त की है. मामले में पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड वझूल कमर अब्दुल वफा चौधरी और उसकी सहयोगी मुस्कान खान को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि चौधरी को MD ड्रग्स बनाने की ट्रेनिंग एक ऐसे शख्स ने दी थी, जिसे वह "चाचा" कहकर बुलाता था. अब पुलिस उस रहस्यमयी "चाचा" की तलाश में जुटी हुई है.
डीसीपी दत्ता नालावड़े के मुताबिक, 21 मई को साकीनाका पुलिस ने घाटकोपर लिंक रोड से मुस्कान खान को 101 ग्राम MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान मुस्कान ने वझूल चौधरी का नाम उजागर किया. इसके बाद पुलिस ने चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर गुजरात के नर्मदा जिले के वरखड़ गांव स्थित एक कथित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारा. वहां से करीब 20 किलोग्राम MD ड्रग्स बरामद की गई.
महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशखबरी! फडणवीस सरकार ने 2 लाख तक की कर्जमाफी को दी मंजूरी
पुलिस के अनुसार, चौधरी लंबे समय से ड्रग्स तस्करी से जुड़ा रहा है. वर्ष 2001 में उसे उत्तर प्रदेश में 21 क्विंटल चरस के साथ DRI और कस्टम विभाग ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह 2011 तक मुरादाबाद जेल में रहा. इसके बाद 2017 में DRI मुंबई ने पालघर से 238 किलोग्राम MD ड्रग्स के साथ उसे दोबारा गिरफ्तार किया था. उस खेप की कीमत करीब 500 करोड़ रुपये आंकी गई थी. इस मामले में वह 2023 तक ठाणे जेल में बंद रहा.
जेल से बाहर आने के बाद चौधरी ने कथित तौर पर खुद ही MD ड्रग्स का निर्माण शुरू कर दिया. पुलिस का कहना है कि वह मुंबई के बाहरी इलाकों में ड्रग्स इकट्ठा करता था और फिर अपने नेटवर्क के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करवाता था. उसने ड्रग्स वितरण के लिए अलग नेटवर्क तैयार कर रखा था.
जांच में यह भी सामने आया है कि मुस्कान खान पेशे से ओला और उबर कैब चालक है. पुलिस को संदेह है कि वह इसी काम की आड़ में पिछले तीन वर्षों से ड्रग्स की डिलीवरी भी कर रही थी. पुलिस के अनुसार, मुस्कान और चौधरी की मुलाकात एक क्लब में हुई थी, जिसके बाद दोनों कथित तौर पर ड्रग्स कारोबार से जुड़े.
पुलिस का दावा है कि चौधरी जिस "आइस MD" का निर्माण करता था, उसे बनाना बेहद तकनीकी और विशेषज्ञता वाला काम माना जाता है. पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2015 में उसकी पहचान डोंगरी के एक व्यक्ति से हुई थी, जिसे वह "चाचा" कहकर बुलाता था. उसी व्यक्ति ने उसे MD ड्रग्स बनाने की तकनीक सिखाई थी.
फिलहाल साकीनाका पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार "चाचा" समेत गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है. पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं.
यूपी में अगले साल किसकी सरकार? सपा-कांग्रेस का जिक्र कर शिंदे गुट ने कर दिया बहुत बड़ा दावा


























