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जो काम सरकार और अफसर नहीं कर सके वो कर दिखाया रागिनी खंडेलवाल ने
बरेली में एक महिला ने वो किया जो अब तक सरकारें नहीं कर सकीं, अफसर नहीं कर सके. रागिनी खंडेलवाल ने गांव को खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाने का प्रण लिया और वो अपने पैसों से अब तक कई शौचलय बनवा चुकी हैं.

बरेली: बरेली में एक महिला ने वो किया जो अब तक सरकारें नहीं कर सकीं, अफसर नहीं कर सके. रागिनी खंडेलवाल ने गांव को खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाने का प्रण लिया और वो अपने पैसों से अब तक कई शौचलय बनवा चुकी हैं. रागिनी खंडेलवाल बीएल एग्रो कंपनी की डायरेक्टर हैं और कई सालों से रोटरी संस्था से जुड़ी हुई हैं. गांव को खुले से शौच मुक्त बनाने के लिए बनवा रही है शौचालय बरेली नगर निगम के 3 गांव रागिनी खंडेलवाल ने गोद लिए हैं. रागिनी का कहना है कि खुले में शौच जाने से महिलायें सेफ नहीं रहती जिस वजह से उन्होंने ये प्रयास किया है. वो कहती हैं कि अगर शौचालय के लिए कोई भी उनके पास आएगा तो वो उसकी मदद करेंगी. प्रधानमंत्री से प्रेरित होकर बरेली की रहने वाली रागिनी खंडेलवाल उनके आदर्शों को अपना रही हैं और गांवों में स्वच्छता की अलख जगा रही हैं. रागिनी खंडेलवाल ने तीन गांवों को गोद लेकर इन गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) बनाने का संकल्प लिया है.
रागिनी खंडेलवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र से सटे गांव परसाखेड़ा गौटिया, गोकुलपुर और नदौसी गांव को स्वच्छ बनाने के लिए गांव में 158 शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. गांव में 84 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है और 74 शौचालय का काम जारी है. एक शौचालय की लागत करीब 18,500 रूपए है जिसमें पानी के लिए मोटर, पानी का टैंक भी शामिल है. रागिनी के इस प्रयास से ग्रामीणों में खुशी रागिनी खंडेलवाल के इस प्रयास से ग्रामीण काफी खुश हैं. परसाखेड़ा गौटिया गांव की महिलाओं का कहना है कि शौचालय बनने से उन्हें बहुत आराम हो गया वरना खेतों में शौच के लिए जाने में काफी दिक्कत होती थी और शर्म भी आती थी. जवान लड़कियों को तो और भी ज्यादा दिक्कतें होती थी. उनके साथ छेड़खानी की घटनाएं भी होती थी. उत्तर प्रदेश की हर बड़ी खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
रागिनी खंडेलवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र से सटे गांव परसाखेड़ा गौटिया, गोकुलपुर और नदौसी गांव को स्वच्छ बनाने के लिए गांव में 158 शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. गांव में 84 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है और 74 शौचालय का काम जारी है. एक शौचालय की लागत करीब 18,500 रूपए है जिसमें पानी के लिए मोटर, पानी का टैंक भी शामिल है. रागिनी के इस प्रयास से ग्रामीणों में खुशी रागिनी खंडेलवाल के इस प्रयास से ग्रामीण काफी खुश हैं. परसाखेड़ा गौटिया गांव की महिलाओं का कहना है कि शौचालय बनने से उन्हें बहुत आराम हो गया वरना खेतों में शौच के लिए जाने में काफी दिक्कत होती थी और शर्म भी आती थी. जवान लड़कियों को तो और भी ज्यादा दिक्कतें होती थी. उनके साथ छेड़खानी की घटनाएं भी होती थी. उत्तर प्रदेश की हर बड़ी खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें और पढ़ें
Source: IOCL























