Punjab Assembly Session LIVE: पंजाब में छः महीने के लिए सेफ हो गई मान सरकार, 6 विधायकों ने नहीं किया वोट, विश्वास प्रस्ताव हुआ पास
Punjab Assembly Live: पंजाब विधानसभा में सीएम भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया जो चर्चा के बाद पास हो गया. 7 सांसदों की बगावत के बीच यह विश्वास प्रस्ताव, सियासी रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है.
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पंजाब में एक मई को मजदूर दिवस के मौके पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. सीएम भगवंत मान ने खुद इसकी जानकारी दी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब कैबिनेट ने एक अहम फैसला लेते हुए एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है.
यह एक दिवसीय सत्र उन मेहनतकश मजदूरों और कारीगरों को समर्पित होगा जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल के तहत मजदूर संघों के प्रतिनिधियों को सदन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा, और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की जाएगी, जिसमें मनरेगा में किए गए बदलावों का श्रमिक वर्ग पर पड़ने वाला प्रभाव भी शामिल है.
आम आदमी पार्टी ने जारी किया व्हिप
विधानसभा में विशेष सत्र को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से व्हिप जारी किया गया है. व्हिप जारी होने के बाद पार्टी के सभी विधायकों को विधानसभा में मौजूद होना अनिवार्य है. विशेष सत्र को लेकर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार विश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है.
भगवंत मान ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक एक साथ हैं. इसलिए सरकार सभी विधायकों की मौजूदगी में बहुमत भी साबित कर सकती है. सीएम मान ने आगे कहा कि इसके साथ ही सत्र के दौरान विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अन्य आवश्यक विधायी कार्यों को भी निपटाया जाएगा, ताकि राज्य के विकास और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जा सकें.
बीजेपी ने विशेष सत्र को बताया फिजूलखर्ची
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार को 1 मई को होने वाले पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को फिजूलखर्ची और सरकारी खजाने पर बोझ बताया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग न केवल अपनी कमजोर होती पार्टी और अस्थिर विधायकों को संभालने के लिए कर रही है, बल्कि पंजाब में अपनी नाकामियों, अक्षमता, टूटे वादों, माफिया राज, गुंडागर्दी और जबरन वसूली के जाल से उपजे बढ़ते जन आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए भी कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें और समय दिया जाना चाहिए- बरिंदर कुमार गोयल
पंजाब विधानसभा सत्र पर पंजाब के मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि, "शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनके बोलने का समय 8 मिनट होगा. फिर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें और समय दिया जाना चाहिए-20 मिनट, यहाँ तक कि 28 मिनट भी. सत्र बहुत अच्छे से चल रहा है और इसी तरह जारी रहना चाहिए. मुख्यमंत्री इसकी सराहना कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं."
सदन की परंपराओं, उसके मूल्यों और उसकी गरिमा पर तो ध्यान दें- बाजवा
पंजाब विधानसभा के स्पीकर के बारे में पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि, "मैं यह नहीं कहता कि आप मेरी बात सुनें, लेकिन कम से कम सदन की परंपराओं, उसके मूल्यों और उसकी गरिमा पर तो ध्यान दें. यही स्पीकर का काम है. अगर आप ऐसा करने को तैयार नहीं हैं, तो यह आपकी मर्ज़ी है.''






















