बिहार: सीट बंटवारे पर 'भ्रम' की स्थिति के लिए कुशवाहा की पार्टी ने जेडीयू को ठहराया जिम्मेदार
जेडीयू के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सीट बंटवारे की बातचीत अंतिम चरण में है और तात्कालिक फॉर्मूले के तहत उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी को बिहार में 40 लोकसभा सीटों में से दो से अधिक सीटें मिलने की संभावना नहीं है.

पटना: एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने सत्तारूढ़ गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर भ्रम पैदा करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को आज जिम्मेदार ठहराया. दिल्ली में नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बीच हाल में बैठक के बाद मीडिया में आई खबरों को लेकर आरएलएसपी ने जेडीयू पर निशाना साधा.
जेडीयू के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सीट बंटवारे की बातचीत अंतिम चरण में है और तात्कालिक फॉर्मूले के तहत उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी को बिहार में 40 लोकसभा सीटों में से दो से अधिक सीटें मिलने की संभावना नहीं है. बिहार में एनडीए के सहयोगी दलों में जेडीयू, बीजेपी, आरएसएसपी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी शामिल है.
नीतीश कुमार के विश्वस्त और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने दावा किया है कि सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में है. आरएलएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता माधव आनंद ने बताया, ‘‘नीतीश कुमार जब पिछले साल बीजेपी नीत गठबंधन में लौटे तब से भ्रम पैदा हुआ. उनकी पार्टी गठबंधन में खुद को बड़ा भाई होने और मुख्यमंत्री के लोकसभा चुनावों में गठबंधन का चेहरा होने का दावा करती है.’’
आनंद ने कहा, ‘‘पटना में जुलाई में अमित शाह से मुलाकात के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चार से पांच हफ्ते में सीट बंटवारे की व्यवस्था हो जाएगी. उन्हें हमें बताना चाहिए कि उनके दावे का क्या हुआ जब दो महीने से अधिक समय बीत चुका है.’’
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