एक्सप्लोरर

केन-बेतवा के आंदोलनकारी बोले- अनशन नहीं तोड़ेंगे, बोतल नहीं लगाएंगे, पानी , नींबू पानी पिएंगे

छतरपुर प्रशासन ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल 176 लोग पड़ोसी पन्ना जिले की रुनझ और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित हैं तथा उनका छतरपुर जिले में किसी विस्थापन या मुआवजा प्रक्रिया से संबंध नहीं है.

मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य सिंचाई परियोजनाओं के विरोध में पिछले 15 दिन से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस तथा प्रशासन ने बरसाती मौसम और बढ़ते जलस्तर के खतरे का हवाला देते हुए रविवार सुबह प्रदर्शन स्थल से हटा दिया.

हालांकि, प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को 'बर्बर तरीके' से कुचलने का प्रयास किया है लेकिन इसके बावजूद उनका आमरण अनशन और आंदोलन जारी है.

उन्होंने कहा, 'अब चाहे मेरी जान ही चली जाए, अनशन नहीं तोड़ेंगे. बोतल नहीं लगाएंगे, सिर्फ पानी और नींबू पानी पिएंगे.'

UCC लागू होने से मध्य प्रदेश में क्या बदल जाएगा? मोहन यादव सरकार के तीन मंत्रियों ने समझाया

भटनागर ने कहा, 'पुलिस ने सुबह बर्बर कार्रवाई की. महिलाओं के साथ मारपीट की गई, सांकेतिक चिताओं और फांसी के स्थान को तोड़ दिया गया. प्रशासन अपनी बर्बरता से बाज नहीं आया. प्रशासन को लगता है कि मेरा आमरण अनशन खत्म हो गया है तो ऐसा नहीं है. उन्होंने आंदोलन को कुचला है. आखिरी सांस तक मेरा आमरण अनशन और आंदोलन जारी रहेगा.'

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी की आलोचन

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी आंदोलनकारियों को प्रदर्शन स्थल से 'जबरन' हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने असहमति की हर आवाज़ को कुचलना अपने शासन का ‘मॉडल’ बना लिया है क्योंकि वह प्रदर्शनकारियों से डरती है.

प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले यह आरोप भी लगाया था कि पुलिस ने भटनागर को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से सभी को 'प्रेम व शांतिपूर्ण तरीके' से उनके घरों तक पहुंचा दिया गया है.

प्रदर्शनकारियों ने विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से संबंधित वादे अब तक पूरे नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए तीन जुलाई को अनिश्चितकालीन अनशन कुपी गांव के पास बराना नदी के किनारे शरू किया था.

जिलाधिकारी पार्थ जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि बराना नदी और आसपास के क्षेत्र में लगातार बारिश से जलस्तर बढ़ गया है, जिससे आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया था, इसलिए उन्हें हटाना जरूरी था.

उन्होंने बल प्रयोग करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सभी आंदोलनकारियों को वहां से सुरक्षित तरीके से हटाकर बसों के माध्यम से उनके गांव भेजा गया है.

क्या है केन-बेतवा आंदोलनकारियों की मांग?

जायसवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग विस्थापन पैकेज पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 12.5 लाख रुपये प्रति पात्र परिवार करने की है और राज्य मंत्रिमंडल द्वारा पुनर्वास पैकेज में बढ़ोतरी को सिद्धांततः स्वीकृति दी जा चुकी है.

उन्होंने कहा कि इसका आदेश अगले कुछ दिन में जारी होने की संभावना है और आदेश जारी होते ही पन्ना जिले के प्रभावित परिवारों के दावों के सर्वे और भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए 400 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों पर जिलाधिकारी ने कहा कि अभी तक इस संबंध में जिला प्रशासन को कोई लिखित शिकायत या ठोस दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं.

उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति या संगठन तथ्यात्मक दस्तावेजों के साथ शिकायत देता है तो उसकी विधिवत जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.

जिलाधिकारी ने बताया कि भटनागर को एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है तथा बाकी लोगों को वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए समझा-बुझाकर बसों के माध्यम से उनके गृह जिले पन्ना भेजा गया.

आंदोलनकारियों में शामिल उनकी एक अन्य प्रमुख नेता दिव्या अहिरवार ने इससे पहले दावा किया कि भटनागर आज केन-बेतवा में 400 करोड़ रुपये के एक कथित भ्रष्टाचार का मीडिया के समक्ष खुलासा करने वाले थे लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुबह पांच बजे ही भटनागर सहित सभी आंदोलनकारियों को आंदोलन स्थल से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस और प्रशासन ने इस दावे को भी खारिज किया.

सिंघार ने एक बयान में कहा, 'कल जंतर-मंतर से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक और उनके साथियों को जबरन हटाया गया तथा आज केन-बेतवा लिंक परियोजना में भ्रष्टाचार, कानून के उल्लंघन और आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे अमित भटनागर सहित सभी आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया.'

गत 14 जुलाई को आंदोलनकारियों से मुलाकात करने वाले नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनकी लड़ाई लोकतांत्रिक है लेकिन सरकार ने संवाद का रास्ता चुनने के बजाय दमन का रास्ता चुना.

उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि लोकतंत्र लाठी और गिरफ्तारी से नहीं, संवाद और संविधान से चलता है. लगातार दो दिनों में शांतिपूर्ण आंदोलनों पर जिस तरह कार्रवाई हुई है, वह साफ़ संकेत है कि देश लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही और डर के माहौल की ओर धकेला जा रहा है.'

कटनी के सरस्वाही छात्रावास में दूषित पानी और नाश्ते से बिगड़ी 9 छात्राओं की तबीयत, 3 की हालत गंभीर

मुख्य रूप से आदिवासी महिलाओं की भागीदारी वाले इस आंदोलन में प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप ‘जल सत्याग्रह’, ‘चिता सत्याग्रह’ और प्रतीकात्मक ‘फांसी सत्याग्रह’ भी किया.

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के तहत विकसित की जा रही देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के रूप में केन-बेतवा लिंक परियोजना का उद्देश्य केन नदी के अधिशेष जल को बेतवा नदी में स्थानांतरित कर मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराना है.

हालांकि, परियोजना से प्रभावित कुछ परिवारों और पर्यावरण से जुड़े संगठनों ने विस्थापन, पुनर्वास तथा पन्ना बाघ अभयारण्य के हिस्सों सहित जंगलों और वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर इसका विरोध किया है.

वर्तमान आंदोलन में रुनझ और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवार भी शामिल हैं. उनका कहना है कि पुनर्वास को लेकर प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासनों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है.

छतरपुर जिला प्रशासन ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल 176 लोग पड़ोसी पन्ना जिले की रुनझ और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित हैं तथा उनका छतरपुर जिले में किसी विस्थापन या मुआवजा प्रक्रिया से संबंध नहीं है.

प्रशासन ने एक बयान में प्रभावित परिवारों से पन्ना लौटकर वहां के जिला प्रशासन से पुनर्वास का लाभ लेने का आग्रह किया.

इसने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है और इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति तथा समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा. हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने अप्रैल में जो आश्वासन दिए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

केन-बेतवा के आंदोलनकारी बोले- अनशन नहीं तोड़ेंगे, बोतल नहीं लगाएंगे, पानी , नींबू पानी पिएंगे
केन-बेतवा के आंदोलनकारी बोले- अनशन नहीं तोड़ेंगे, बोतल नहीं लगाएंगे, पानी , नींबू पानी पिएंगे
कटनी के सरस्वाही छात्रावास में दूषित पानी और नाश्ते से बिगड़ी 9 छात्राओं की तबीयत, 3 की हालत गंभीर
कटनी के सरस्वाही छात्रावास में दूषित पानी और नाश्ते से बिगड़ी 9 छात्राओं की तबीयत, 3 की हालत गंभीर
UCC लागू होने से मध्य प्रदेश में क्या बदल जाएगा? मोहन यादव सरकार के तीन मंत्रियों ने समझाया
UCC लागू होने से मध्य प्रदेश में क्या बदल जाएगा? मोहन यादव सरकार के तीन मंत्रियों ने समझाया
मध्य प्रदेश में UCC विधेयक को कैबिनेट से मिली मंजूरी, तीन तलाक और लिव इन रिलेशनशिप का भी जिक्र
मध्य प्रदेश में UCC विधेयक को कैबिनेट से मिली मंजूरी, तीन तलाक और लिव इन रिलेशनशिप का भी जिक्र
Advertisement

वीडियोज

Bollywood News: शानदार VFX और रावण बने यश के लुक के खुलासे से 'रामायण' के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर मचाई 'तबाही'। (19.07.26)
BMW R1300 GSA: One of the Best Adventure bike of BMW! #bmw #bmwr1300gsa #bmwbike #autolive
Jacqueline Fernandez के 'Jugni' Song पर मचा बवाल, Viral Clip के बाद Makers पर उठे सवाल
Lock Upp 2: Apoorva Mukhija की Wild Card Entry की चर्चा तेज, Shilpa Shinde Controversy के बीच बढ़ेगा ड्रामा?
India's Got Latent 2: Contestant Sakshi Jha के बयानों से मचा बवाल, Samay Raina भी रह गए हैरान
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
All-Party Meeting: सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
यूपी चुनाव में अखिलेश यादव नहीं देंगे शिवपाल यादव को टिकट? इस नेता के दावे से मची हलचल
यूपी चुनाव में अखिलेश यादव नहीं देंगे शिवपाल यादव को टिकट? इस नेता के दावे से मची हलचल
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
FIFA World Cup Final: वर्ल्ड कप फाइनल में 60 साल बाद होगा ऐसा, मेसी-यमाल की टक्कर; हेड टू हेड समेत जानें फाइनल के बारे में सबकुछ
वर्ल्ड कप फाइनल में 60 साल बाद होगा ऐसा, मेसी-यमाल की टक्कर; जानें दोनों का हेड टू हेड रिकॉर्ड
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये मांग
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी-खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
Normal Fever vs Dengue: हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
Embed widget