लालू की पार्टी की लिस्ट में नीतीश के नेता का नाम, JDU ने कहा- ये सांगठनिक जालसाजी, RJD बोली- प्रिंटिंग मिस्टेक हो गया
जेडीयू ने आरजेडी को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये सांगठनिक जालसाजी है. जेडीयू की कड़ी आपत्ति के बाद आरजेडी ने अपनी गलती मानते हुए इसे प्रिंटिंग मिस्टेक' करार दिया.

पटना: लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने 5 मार्च को राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की लिस्ट जारी की लेकिन इसमें एक ऐसा प्रिटिंग मिस्टेक हुआ जिसको लेकर जेडीयू ने जोरदार हमला बोल दिया. आरजेडी की इस लिस्ट में जेडीयू नेता का नाम लिखा गया और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाकर इसे जारी भी कर दिया. जेडीयू ने आरजेडी को निशाने पर लिया और कहा कि आरजेडी अब सांगठनिक जालसाजी कर रही है. जेडीयू की कड़ी आपत्ति के बाद आरजेडी ने अपनी गलती मानते हुए इसे प्रिंटिंग मिस्टेक करार दिया.
आरजेडी की लिस्ट में जेडीयू नेता कुमकुम राय का नाम
दरअसल, आरजेडी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की जो लिस्ट जारी की इसमें जेडीयू की सदस्य प्रोफेसर कुमकुम राय का भी नाम शामिल कर दिया गया. आरजेडी की लिस्ट में राष्ट्रीय सचिव के कॉलम में पहला नाम कुमकुम राय का लिखा गया. जेडीयू नेता और बिहार सरकार में मंत्री नीरज सिंह ने आरजेडी को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिना खाता-बही के तेजस्वी यादव पार्टी चला रहे हैं. ये सांगठनिक जालसाजी कर रहे हैं. प्रोफेसर कुमकुम राय को आरजेडी ने राष्ट्रीय सचिव कैसे बना दिया, इसका बिहार की जनता को जवाब मिलना चाहिए. बता दें कि प्रोफेसर कुमकुम राय पहले आरजेडी की सदस्य हुआ करती थीं. पिछले साल अगस्त में उन्होंने आरजेडी छोड़ दिया था. कुमकुम राय पटना यूनिवर्सिटी से इसी साल जनवरी में रिटायर हुई हैं.
इंसान से कभी-कभी गलती हो जाती है- कमरे आलम
जेडीयू के निशाने पर आने के बाद आरजेडी ने अपनी गलती मान ली. पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव कमरे आलम ने इसे प्रिटिंग मिस्टेक बताकर अपनी भूल मान ली. उन्होंने कहा कि गलती से कुमकुम राय का नाम टाइप कर दिया गया. कुमकुम राय की जगह सुपौल से आरजेडी विधायक यदुवंश कुमार का नाम होना चाहिए था. उन्हें इस बार पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है. ये एक प्रिंटिंग मिस्टेक है. इंसान से कभी-कभी गलती हो जाती है. कमरे आलम ने कहा, ''मुझे देख लेना चाहिए था उस सूची को. बिना देखे अनाउंस कर दिया.''




















