जुल्म: दलित मजदूर को कोल्हू से बांधकर बेरहमी से पीटा और पिलाई पेशाब
सुरेश का कहना है कि उसने ग्राम प्रधान राम दीं गंगवार कि शिकायत फतेहगंज पूर्वी थाने में की लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया. अब जब मामला मीडिया में आया है तो सीओ फरीदपुर राम प्रकाश का कहना है की इंस्पेक्टर को मामले की जांच के आदेश दिए गए है.

बरेली: यूपी के बरेली में दलित उत्पीड़न की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. जहां उधार के तीन हजार रूपये नहीं लौटाने पर दबंग ग्राम प्रधान ने दलित युवक को तालिबानी सजा दी. ग्राम प्रधान ने दलित मजदूर को कोल्हू से बांधकर बेरहमी से पीटा और जब इससे भी मन नहीं भरा तो पेशाब पिला दी. वहीं पुलिस ने इस मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं.
उधार के तीन हजार रूपये नहीं लौटाने पर ग्राम प्रधान ने दी तालिबानी सजा
फतेहगंज पूर्वी के गांव खानपुर के दलित मजदूर सुरेश ने ग्राम प्रधान से पिछले साल तीन हजार रूपये उधार लिए थे. लंबा समय गुजरने के बावजूद भी सुरेश ने ग्राम प्रधान को रूपये वापस नहीं किये. सुरेश का आरोप है कि 4 जनवरी को ग्राम प्रधान ने उसे खेत से आते वक्त पकड़ लिया और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर उसे जातिसूचक शब्द कहे. सुरेश को कोल्हू से बांधकर जमकर पीटा और फिर उसे जूते में भरकर पेशाब पिलाई. सुरेश का कहना है कि उसके पास रूपये का इंतजाम नहीं हो सका जिस वजह से वो रूपये नहीं लौटा सका.
अभी तक नहीं दर्ज हुई एफआईआर, सीओ ने दिए जांच के आदेश
सुरेश का कहना है कि उसने ग्राम प्रधान राम दीं गंगवार कि शिकायत फतेहगंज पूर्वी थाने में की लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया. अब जब मामला मीडिया में आया है तो सीओ फरीदपुर राम प्रकाश का कहना है की इंस्पेक्टर को मामले की जांच के आदेश दिए गए है. जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी. उनका कहना है की सुरेश ने आरोप लगाया है की ग्राम प्रधान ने उसे मारा पीटा है और पेशाब पिलाई है. उसकी बातों में कितनी सच्चाई है इसका पता तो जांच के बाद ही चल सकेगा.
दलित मजदूर को तालिबानी सजा दिए जाने के मामले में पुलिस का रवैया अच्छा नहीं रहा है. घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया और न ही ग्राम प्रधान से पूछताछ करने की जहमत उठाई.





















