सुल्तानपुर: बेखौफ अपराधियों ने रेस्टोरेंट मालिक पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
ये घटना उस वक़्त हुई जब मालिक अपने काउंटर पर बैठा था और पूरा होटल खचाखच भरा था. ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने के बाद अपराधी बेख़ौफ़ होकर अपनी गाड़ी में सवार हुए और फरार हो गए.

सुल्तानपुर: सुल्तानपुर में आज दिल दहला देने वाला मामला सामने आया जब कुछ बेखौफ अपराधियों ने मामूली विवाद में एक रेस्टोरेंट मालिक को गोली मार दी. ये घटना उस वक़्त हुई जब मालिक अपने काउंटर पर बैठा था और पूरा होटल खचाखच भरा था. ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने के बाद अपराधी बेख़ौफ़ होकर अपनी गाड़ी में सवार हुए और फरार हो गए.

घटना के बाद इलाके में व्यवसाई को गोली मारने की खबर आग की तरह फ़ैल गई और लोग सड़को पर उतर आए. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इस घटना की जांच शुरू की तो गोली मारने की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद मिली. फुटेज के जरिए तीनों अपराधियों की शिनाख्त हो गई है. घायल व्यवसाई की नाजुक हालत देख स्थानीय डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया है.
सुल्तानपुर जिले का सबसे व्यस्तम इलाका है बस स्टेशन जहां अवंतिका नाम का एक रेस्टोरेंट है, जो हमेशा ग्राहकों से भरा रहता है. आज शाम चार बजे जब इसके कैश काउंटर पर इसके मालिक आलोक आर्या बैठे थे तभी वेटर से तीन लोग सामान के लेन-देन को लेकर झगड़ पड़े, बात ज्यादा बढ़ता देख अलोक आर्या ने इन लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन ये नहीं माने, किसी तरह मामले को शांत किया गया. लेकिन बात उन लोगों को इतनी नागवार गुजारी की उन्होंने आलोक आर्य के ऊपर ताबड़तोड़ गोलिया बरसा दीं.

गोली लगते ही आलोक आर्या नीचे गिर पड़े तो उस अपराधी ने फिर से पिस्टल निकाल कर उन पर गोली चला दी, गोली चलने से रेस्टोरेंट में दहशत फ़ैल गई और अफरा तफरी मच गई. आपको बता दें कि आलोक आर्या आरएसएस से भी जुड़े है और व्यापार संघ के प्रदेश महामंत्री भी हैं. इनके पिता श्री राम आर्या लगभग 50 वर्षो से आरएसएस से जुड़े है और ये एक बड़े व्यवसाइयो में गिने जाते हैं.
इस घटना की सूचना पाते ही इलाके में व्यापारियों में गुस्सा फुट पड़ा और सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जाकर देखा तो उन्हें सीसीटीवी में पूरी घटना मिल गई और अपराधियों की शिनाख्त हो गई.
सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा का कहना है, " घटना तो अवश्य हुई है लेकिन इस तरह की जो आपस में घटनाएं होती हैं, ये आकस्मिक घटना है. इसमें से पहले से कोई इनपुट नहीं था. कोई रंगदारी का मामला नहीं था. कोई रंजिश का मामला नहीं था, जैसे की आप लोगों ने सीसीटीवी फुटेज में भी देखा.

अभी एक दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यवसाई की हत्या का मामला ठंडा नहीं पड़ा था की इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया. फिलहाल घायल व्यवसाई अब लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं और खतरे से बाहर हैं.






















