राफेल डील: यूथ कांग्रेस करेगी पीएम आवास का घेराव, अनिल अंबानी बोले- सत्य की जीत होगी
राहुल जेटली के आरोप प्रत्यारोप के बीच उद्योगपति अनिल अंबानी ने कहा है कि "सच्चाई की जीत होगी''. राफेल सौदे के तहत फ्रांस की कंपनी से अंबानी को ही ठेका मिला है.

नई दिल्ली: राफेल विमान सौदे में गड़बड़ी के आरोप को लेकर यूथ कांग्रेस आज सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री आवास का घेराव करेगी. कल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राफेल के मुद्दे पर कांग्रस अध्यक्ष राहुल गांधी को घेरा था. जेटली ने कहा कि राफेल के मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर रैली में अलग-अलग आंकड़े देते हैं. राहुल जेटली के आरोप प्रत्यारोप के बीच उद्योगपति अनिल अंबानी ने कहा है कि "सच्चाई की जीत होगी''. राफेल सौदे के तहत फ्रांस की कंपनी से अंबानी को ही ठेका मिला है.
राहुल गांधी बोले- ये रक्षा सौदा ग्रेट राफेल रॉबरी जेटली के आरोप का जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ये रक्षा सौदा ग्रेट राफेल रॉबरी है. राहुल गांधी ने लिखा, ''मिस्टर जेटली, देश का ध्यान वापस ग्रेट राफेल रॉबरी में लाने के लिए धन्यवाद. इसे सुलझाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के बारे में क्या ख्याल है? समस्या यह है कि आपका सर्वोच्च नेता अपने दोस्त को बचा रहा है, इसलिए ये आपके लिए असुविधाजनक हो सकता है. 24 घंटे में जांच करें और बताएं. हम इंतज़ार कर रहे हैं.''
जेटली ने क्या कहा था? राफेल डील पर कांग्रेस के आरोपों के बाद अरुण जेटली ने कहा था कि विपक्षी पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी फर्जी अभियान चलाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं. जेटली ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर राहुल से 15 सवाल किये. उन्होंने कहा कि 36 राफेल विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ 10 अप्रैल, 2015 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के 2007 के करार की तुलना में बेहतर शर्तों पर समझौता किया.
अनिल अंबानी ने कहा- सत्य की जीत होगी आरोप को आधारहीन और दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए अंबानी ने कहा, ‘‘सच्चाई की जीत होगी.’’ उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाये जा रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण, स्वार्थ से प्रेरित और कंपनी की प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित है. अंबानी से मीडिया ने पूछा था कि राफेल सौदा मामले में उनकी कंपनी ने 5,000 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में कांग्रेस अध्यक्ष को अलग क्यों रखा? इसके जवाब में अंबानी ने कहा ‘‘मैंने व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी को पत्र लिखा और उनसे कहा है कि कांग्रेस के पास गलत और गुमराह करने वाली सूचना है जो दुर्भाग्यपूर्ण, स्वार्थ निहित और कंपनी प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है.’’
क्या है राफेल डील? यूपीए सरकार ने 600 करोड़ रुपये में एक राफेल का सौदा किया था. अब बताया जा रहा है कि सरकार को एक राफेल करीब 1600 करोड़ रुपये का पड़ेगा. राफेल डील में 50 प्रतिशत ऑफसेट क्लॉज यानि प्रावधान है. यानि इस सौदे की पचास प्रतिशत कीमत को रफाल बनाने वाली कंपनी, दसॉल्ट को भारत में ही रक्षा और एयरो-स्पेस इंडस्ट्री में लगाना होगा. इसके लिए दसॉल्ट कंपनी ने भारत की रिलायंस इंडस्ट्री से करार किया है. अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस इंडस्ट्री ने जो कंपनी बनाई है, उसके साथ मिलकर दसॉल्ट कंपनी भारत में ज्वाइंट वेंचर कर रही है. ये दोनों मिलकर भारत में नागरिक विमानों के स्पेयर पार्ट्स बनाने जा रही हैं.
हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि "36 राफेल आईजीए (इंटर गर्वमेंटल एग्रीमेंट) में ऑफसेट्स की मात्रा 50 प्रतिशत है, जिसमें योग्य उत्पादों और सेवाओं के निर्माण या रखरखाव के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण में निवेश शामिल हैं.























