प्रधानमंत्री उन लोगों को
'विपक्षी नहीं...', कौन है दिमागी नक्सल? किरेन रिजिजू ने बताया
Dimagi Naxals: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने उन लोगों को दिमागी नक्सल कहा है, जो माओवादियों, अलगाववादियों और भारत के चिकन नेक को काटने की बात करने वालों का समर्थन करते हैं.

- रिजिजू ने पूर्वोत्तर अलगाववादी वीडियो का हवाला दिया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में दिमागी नक्सल के जिक्र पर मचे घमासान के बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा है, बल्कि उन्होंने उन लोगों को दिमागी नक्सल कहा है, जो माओवादियों, अलगाववादियों और भारत के चिकन नेक को काटने की बात करने वालों का समर्थन करते हैं.
विपक्ष के घमासान के बीच क्या बोले किरेन रिजिजू?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार (16 अगस्त, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे लेकर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में रिजिजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विपक्ष के नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा है. उन्होंने कहा कि दिमागी नक्सल वो लोग हैं, जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारत के संविधान को मानने से इनकार करते हैं, जो अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और संविधान के अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं और जो भारत से उत्तर पूर्व हिस्से को अलग करने के लिए चिकन नेक को काटने की बात करते हैं.’
वीडियो पोस्ट को लेकर बोले केंद्रीय मंत्री
किरेन रिजिजू ने अपने एक अन्य एक्स पोस्ट में शरजील इमाम का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि इसी तरह के लोगों का समर्थन करने वालों को ही दिमागी नक्सल कहा गया है. बता दें कि शरजील इमाम को दिल्ली दंगा मामले में साल 2020 में गिरफ्तार किया गया था और वो तभी से जेल में बंद है.
Only those who support these kind of people are called "Dimagi Naxals". pic.twitter.com/Gtcmj7rLfL
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 16, 2026
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किल से दिए अपने संबोधन में कहा, ‘देश में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन दिमागी नक्सल की चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. वैचारिक या दिमागी नक्सली अब भी मौजूद हैं और ऐसे तत्व अवसर की तलाश में रहते हैं.
उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो समाज में असंतोष, अशांति और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं और लोगों से अपील की थी कि ऐसी मानसिकता रखने वाले लोगों को समय रहते पहचानकर अलग-थलग किया जाए.
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