'संविधान पर आक्रमण, हमने रोक दिया', लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने पर आया राहुल गांधी का पहला रिएक्शन
Rahul Gandhi Women's Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह संविधान पर हमला था, लेकिन हमने इसे रोक दिया.

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया. शुक्रवार (17 अप्रैल) को हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिल पास न होने के बाद कहा कि यह संविधान पर हमला था, जिसे हमने रोक दिया. राहुल ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए 2023 के बिल का भी हवाला दिया. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी बिल न पास होने के बाद प्रतिक्रिया दी.
राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद कहा, 'यह संविधान पर आक्रमण था और हमने इसे हरा दिया है. यह अच्छी बात है. हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह महिला बिल नहीं है, यह हिंदुस्तान का राजनीतिक स्ट्रक्चर बदलने की कोशिश है और हमने यह रोक दिया है. मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं अगर आप महिला बिल चाहते हैं तो आप 2023 का बिल निकालिए और उसे लागू कीजिए. पूरा विपक्ष सरकार का समर्थन करेगा.'
#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "We have defeated this attack on the Constitution. We have clearly said that this is not a women's reservation bill, but it is a way to change India's political structure." pic.twitter.com/aotPoy765B
— ANI (@ANI) April 17, 2026
बिल पास न होने पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'महिला आरक्षण की बात नहीं थी ये लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी. हम कभी इससे सहमत नहीं हो सकते कि आप महिला आरक्षण को इस तरह परिसीमन से जोड़ें कि वो पुरानी जनगणना पर चले जिसमें OBC शामिल भी नहीं है. ये मुमकिन नहीं था कि ये बिल पारित हो. देश के लोकतंत्र के लिए, देश की अखंडता के लिए ये बड़ी जीत है.'
लोकसभा में कैसे बिगड़ा सरकार का गणित
बता दें कि लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है. सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका.
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Source: IOCL


























