Who Is Nandini Harinath: अमेरिका के म्यूजियम में सजी भारतीय साड़ी, नंदिनी हरिनाथ से क्या है इसका कनेक्शन?
Who Is Nandini Harinath: अमेरिका के स्मिथसोनियन म्यूजियम में इसरो वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ की साड़ी प्रदर्शित की गई. यह साड़ी मंगलयान मिशन से जुड़ी खास याद का प्रतीक है.

अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में अब भारत की अंतरिक्ष उपलब्धि को खास जगह दी गई है. यहां दुनिया के आधुनिक विमान और अंतरिक्ष यानों के बीच भारतीय वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ की साड़ी प्रदर्शित की गई है. नंदिनी हरिनाथ को भारत की ‘रॉकेट वुमन’ भी कहा जाता है.
म्यूजियम ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि यह साड़ी सिर्फ एक सामान्य कपड़ा नहीं है, बल्कि भारत के ऐतिहासिक मंगलयान मिशन की याद से जुड़ी हुई है. नंदिनी हरिनाथ ने यह साड़ी उस दिन पहनी थी, जब इसरो का मंगलयान पृथ्वी की कक्षा से निकलकर मंगल ग्रह की ओर रवाना हुआ था. यह मिशन करीब 300 दिनों की यात्रा पर गया था.
मंगलयान मिशन में डिप्टी ऑपरेशंस डायरेक्टर
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नंदिनी हरिनाथ मंगलयान मिशन में डिप्टी ऑपरेशंस डायरेक्टर थीं. मिशन की योजना बनाने और उसे सफल बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही. मंगलयान ने अपनी तय अवधि से कहीं ज्यादा समय तक काम किया. जहां इसे 6 से 10 महीने तक चलने के लिए तैयार किया गया था, वहीं यह करीब 8 साल तक मंगल ग्रह की कक्षा में सक्रिय रहा. इस दौरान इसने मंगल ग्रह की सतह और वहां के वातावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भेजीं. मंगलयान की सफलता के बाद भारत मंगल ग्रह तक पहुंचने वाला पहला एशियाई देश बना था. इसके साथ ही भारत दुनिया का चौथा देश भी बना जिसने मंगल मिशन में सफलता हासिल की.
भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में नई पहचान दिलाई
म्यूजियम ने अपनी पोस्ट में बताया कि नंदिनी हरिनाथ जैसी महिला वैज्ञानिकों ने भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है. प्रदर्शित की गई साड़ी नीले और लाल रंग की है. इसमें रेशमी चोली और साड़ी दोनों पर सुंदर डिजाइन और कढ़ाई की गई है. साड़ी के किनारों पर नीले रंग के पैटर्न बने हुए हैं. वहीं पीले, नारंगी, हरे और लाल रंग की कढ़ाई इसे और खास बनाती है.
महिला ने भारत को दूसरे ग्रह तक पहुंचाने में मदद की
म्यूजियम ने यह भी कहा कि यह साड़ी भले ही कभी अंतरिक्ष तक नहीं पहुंची, लेकिन इसे पहनने वाली वैज्ञानिक ने भारत को दूसरे ग्रह तक पहुंचाने में मदद की. इस साड़ी को प्रदर्शित करना भारतीय महिला वैज्ञानिकों की मेहनत, देश के गौरव और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक माना जा रहा है. यह प्रदर्शनी लोगों को भारत के मंगलयान मिशन की सफलता की याद दिलाने के साथ-साथ युवाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कर रही है.
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Source: IOCL
























