Bengal: कोलकाता में चुनाव से पहले खूनखराबा! छत पर पार्टी के दौरान TMC कार्यकर्ता की हुई हत्या
Kolkata News: कोलकाता के बाघाजतिन इलाके में चुनाव से पहले शूटआउट में TMC कार्यकर्ता राहुल दे की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चुनाव से पहले हिंसा की एक और घटना सामने आई है. बाघाजतिन के पूर्व फूलबागान इलाके में बुधवार देर रात एक शूटआउट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता राहुल दे की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना रात करीब 12:30 बजे एक बहुमंजिला इमारत की छत पर हुई, जहां उस समय पार्टी चल रही थी.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, राहुल दे अपने परिचित जीत मुखर्जी के घर गए थे. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से कोई संपर्क नहीं था, लेकिन अचानक जीत ने राहुल को फोन कर बुलाया था. इसी बात ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है. पुलिस इस बात का जवाब ढूंढ रही है कि इतने दिनों से दोनों के बीच कोई संपर्क क्यों नहीं था और कल अचानक जीत ने राहुल को फोन क्यों किया.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही राहुल की हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छत पर अचानक कुछ युवक पहुंचे और राहुल से नाम पूछते हुए गोलीबारी शुरू कर दी. कम से कम तीन राउंड फायरिंग की खबर है. गंभीर रूप से घायल राहुल दे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पीयरलेस अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. मृतक के भाई ने इस घटना को साजिश करार दिया है. उनका कहना है कि राहुल और जीत के बीच कोई हालिया संपर्क नहीं था, ऐसे में अचानक बुलाकर इस तरह की वारदात होना कई सवाल खड़े करता है.
हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश या व्यक्तिगत दुश्मनी?
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जयंत नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. उससे पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना में और कौन-कौन शामिल थे. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास से कुछ बाइकें भी जब्त की हैं, जिनका इस्तेमाल हमलावरों ने किया हो सकता है. पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हर एंगल से जांच कर रही है.
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश है या कोई व्यक्तिगत दुश्मनी. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है, ताकि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके.
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