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मध्य प्रदेश में कर्ज से परेशान 2 और किसानों ने दी जान, 21 दिनों में 36 किसानों ने की खुदकुशी

प्रतीकात्मक तस्वीर
मंदसौर/टीकमगढ़ : मध्य प्रदेश में किसान आत्महत्या का सिलसिला जारी है. शनिवार को भी कर्ज से परेशान दो किसानों ने आत्महत्या कर ली, मगर पुलिस तक दोनों मामले रविवार को पहुंचे. इस तरह राज्य में 21 दिनों में आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 36 हो गई है, जबकि कांग्रेस 25 दिनों में 55 किसानों की आत्महत्या की बात कह रही है.
मंदसौर के नारायणपुर गांव के डोरवाड़ी गांव के किसान लक्ष्मण सिंह ने कर्ज से परेशान होकर शनिवार को जहरीला पदार्थ खा लिया. उसे गंभीर हालत में राजस्थान के उदयपुर ले जाया गया, जहां उसकी देर शाम को मौत हो गई. नारायणपुर थाने के प्रभारी एस.एल. बोरासी ने रविवार को बताया कि लक्ष्मण सिंह ने आठ पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है. इसमें उसने कर्ज की बात लिखी है, पुलिस मामले की जांच कर रही है. इसी तरह टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के ढाना गांव में किसान धरम सिंह ठाकुर ने शनिवार को पड़ोसी के खेत में लगे पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. धरम के भाई लाखन का कहना है कि उसने बेटी की शादी के लिए कर्ज लिया था और सोचा था कि फसल बेचकर कर्ज चुका देगा, लेकिन फसल चौपट हो गई, जिससे वह तनाव में था. राज्य में बीते 21 दिनों में कर्ज और सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 36 हो गई है. वहीं कांग्रेस की ओर से किसानों की मौत को लेकर जारी किए गए ब्यौरे के मुताबिक, 25 दिन में आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 55 हो गई है और कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज को 'यमराज' कहने लगी है.और पढ़ें





















