Twisha Death Case: CBI ने री-रिजस्टर की FIR, पति समर्थ सिंह को पुलिस ने घर से उठाया, दोबारा शुरू होगी जांच
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, मृतका की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं.

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा सुसाइड केस में भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर को सीबीआई ने दोबारा दर्ज (री-रजिस्टर) कर लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम सोमवार को भोपाल पहुंच चुकी है और मंगलवार से जांच शुरू करेगी. यह मामला अब भोपाल पुलिस से लेकर सीबीआई के हवाले कर दिया गया है. इधर, पुलिस ने समर्थ सिंह को सोमवार शाम उसके घर से अपनी हिरासत में ले लिया है.
इस केस में जांच अधिकारी के रूप में डीएसपी निशु कुशवाहा को नियुक्त किया गया है. मामला मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित कटारा हिल्स इलाके का है, जहां 12 मई 2026 को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है.
सीबीआई के हाथ में जांच
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, मृतका की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं. शिकायत में कहा गया है कि ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था. मामले में आरोपी बनाए गए लोगों में पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह शामिल हैं, जिनका पता HIG-311, बाग मुगलिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स, भोपाल बताया गया है.
एफआईआर के मुताबिक, 12 मई 2026 की रात करीब 10:20 बजे महिला की मौत की सूचना मिली. पुलिस और मेडिकल जांच में सामने आया कि महिला की मौत फांसी लगने से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “एंटेमॉर्टम हैंगिंग” यानी जीवित अवस्था में फांसी लगाने की पुष्टि हुई है. साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान भी पाए गए, जिन्हें किसी भारी वस्तु से मारपीट के कारण लगी चोट माना गया है.
एफआईआर में क्या कहा गया
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी और करीब 2 लाख रुपये के लिए दबाव बनाया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट एक्ट की धारा 6 के तहत सहमति देकर केस सीबीआई को सौंप दिया. इसके बाद केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 25 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर सीबीआई को पूरे मध्य प्रदेश में जांच का अधिकार दिया. अब सीबीआई इस मामले में दहेज हत्या, प्रताड़ना, साजिश और अन्य संभावित अपराधों की जांच करेगी.






















