Telangana: तेलंगाना में MBBS छात्रा और एक युवक फंदे से लटके मिले, इलाके में मचा हड़कंप
Telangana Crime: तेलंगाना के नलगोंडा जिले के मुनुकुंटला गांव में MBBS छात्रा लक्ष्मी प्रसन्ना और युवक चरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दोनों के शव फंदे से लटके मिले हैं.

नलगोंडा जिले के कट्टंगूर मंडल के मुनुकुंटला गांव में दो लोगों की संदिग्ध मौत से तनाव फैल गया है. यहां MBBS छात्रा लक्ष्मी प्रसन्ना और गांव के ही एक युवक चरण की कुछ ही समय के अंतराल में फंदे से लटकी हुई लाशें मिलीं. सूर्यपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रही लक्ष्मी प्रसन्ना परीक्षा की तैयारी के लिए मिली छुट्टियों में गांव लौटी थीं और अपने घर पर फंदे से लटकी पाई गईं. वहीं, उसी गांव के रहने वाले चरण की लाश शनिवार (18 जुलाई) को ताड़ के पेड़ से लटकी हुई मिली.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रसन्ना के परिवार वालों ने उसकी मौत में चरण की भूमिका पर शक जताया है. उनका आरोप है कि चरण कुछ समय से प्यार के नाम पर उसे परेशान कर रहा था. ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच पहले संबंध थे, लेकिन हाल ही में उनके बीच अनबन हो गई थी. परिवार प्रसन्ना की मौत को संदिग्ध मान रहा है. इसके बाद चरण ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इन घटनाओं के क्रम और दोनों मौतों के पीछे के संभावित भावनात्मक या हालात से जुड़े कारणों ने मामले को और उलझा दिया है.
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नलगोंडा पुलिस ने क्या कहा?
नलगोंडा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने संदिग्ध मौत के अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और कथित प्रेम प्रसंग व उत्पीड़न के दावों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं. तथ्यों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डेटा रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों व ग्रामीणों के बयान अहम होंगे. इस चरण में, हम लोगों से अपील करते हैं कि वे किसी नतीजे पर न पहुंचें और जांच को आगे बढ़ने दें." अधिकारी ने बताया कि किसी भी गड़बड़ी की आशंका को दूर करने के लिए दोनों शवों को पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
परिवार और गांव वालों के बयान दर्ज
कट्टंगूर की पुलिस टीमें प्रसन्ना के रिश्तेदारों, चरण के परिवार और उन ग्रामीणों के विस्तृत बयान दर्ज कर रही हैं, जो दोनों को जानते थे. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या पहले कोई शिकायत, संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट थी जिससे उनमें से किसी पर मानसिक तनाव, धमकी या दबाव का संकेत मिलता हो. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और फोरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक अधिकारी दोनों मौतों को संदिग्ध मानकर चल रहे हैं. उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया है कि अगर उकसाने, उत्पीड़न या किसी अन्य अपराध के सबूत मिलते हैं, तो सभी कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
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