इस राज्य ने लिया ऐतिहासिक फैसला, जिनके 2 से ज्यादा बच्चे, वो भी लड़ेंगे पंचायत चुनाव
तेलंगाना विधानसभा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जिसका असर राज्य की ग्रामीण राजनीति पर गहरा होगा. स्थानीय निकायों के चुनावों में 2 से अधिक संतान वाले लोगों को भी चुनाव लड़ने का अधिकार मिलेगा.

तेलंगाना विधानसभा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिसका असर राज्य की ग्रामीण राजनीति पर गहरा होगा. पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री डी. अनसूया सीताक्का (Seethakka) की अगुवाई में राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों के चुनावों में उम्मीदवारों के लिए 'दो बच्चों' की लागू नीति को खत्म करने वाला विधेयक पारित करा लिया है.
तेलंगाना में अब 2 से अधिक संतान वाले लोगों को भी चुनाव लड़ने का अधिकार मिलेगा. यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि पहले तेलंगाना पंचायत राज अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति के लिए पंचायत, मंडल या जिला परिषद का चुनाव लड़ने के लिए यह अनिवार्य था कि उसके दो से ज्यादा बच्चे न हों.
आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए फैसला
इस नियम के चलते अब तक हजारों सक्षम और योग्य नेताओं को चुनावी मैदान में उतरने से वंचित रहना पड़ता था. हालांकि, आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए राज्य सरकार पहले एक अध्यादेश (Ordinance) लाई थी, जिसे विधानसभा में पूर्ण विधेयक का रूप देकर कानूनी रूप से मंजूरी दी गई है.
पंचायत राज मंत्री ने क्या कहा
इस मौके पर पंचायत राज मंत्री सीताक्का ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह फैसला जनता की आवाज को बल मिलने जैसा है. उन्होंने कहा, "इस संशोधन के बाद अब दो से ज्यादा बच्चों की परवरिश करने वाले लोग भी पंचायत, मंडल और जिला परिषद के चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से पात्र होंगे." उन्होंने आगे कहा कि सरकार का मकसद लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के दायरे को व्यापक बनाना है, ताकि कोई भी समाज या वर्ग राजनीतिक प्रक्रिया से अलग न रह जाए.
पंचायती राज व्यवस्था में नए चेहरों को मौका
सियासी विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले को राज्य की राजनीति में जनप्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है. इससे पहले यह नियम कई सामाजिक समूहों के लिए रोड़ा बना हुआ था, लेकिन अब इस बाधा को हटा दिए जाने के बाद पंचायती राज व्यवस्था में नए चेहरों को आने का मौका मिलेगा. यह विधेयक उस समय पारित हुआ है जब राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू होने वाली हैं, जिससे यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.
ये भी पढ़ें
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















