एक्सप्लोरर

दहेज उत्पीड़न कानून में SC ने फिर किया बदलाव, अब जांच अधिकारी करेगा गिरफ्तारी का फैसला

सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले से दहेज उत्पीड़न के कानून में फिर कुछ बदलाव हुए हैं. अब ज़रूरी नहीं कि शिकायत दर्ज होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो लेकिन अगर जांच अधिकारी को जरूरत लगी तो वो तुरंत गिरफ्तारी भी कर सकता है.

नई दिल्ली: दहेज उत्पीड़न की शिकायतों पर तुरंत गिरफ्तारी रोकने वाले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव किया है. अब शिकायतों को समीक्षा के लिए फैमिली वेलफेयर कमिटी के पास नहीं भेजा जाएगा. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं कि शिकायत दर्ज होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी अब ज़रूरी हो गयी है. कोर्ट ने इसे जांच अधिकारी के विवेक पर छोड़ दिया है. पुराने फैसले में दी गयी कई और रियायतों को भी बरकरार रखा गया है.

क्या था पुराना फैसला पिछले साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने IPC 498A यानी दहेज उत्पीड़न के मामलों में बेवजह गिरफ्तारी और ज़मानत न मिलने को देखते हुए कई दिशा निर्देश जारी किए थे. कोर्ट ने कहा था:-

*देश के हर ज़िले में फैमिली वेलफेयर कमिटी का गठन किया जाए. इसमें सामाजिक कार्यकर्ता और दूसरे योग्य लोग हों. *498A की शिकायतों को पहले कमिटी के पास भेजा जाए. कमिटी मामले से जुड़े पक्षों से बात कर सच्चाई समझने की कोशिश करे. * कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर ही गिरफ्तारी का फैसला हो. बेहद ज़रूरी स्थितियों में ही रिपोर्ट आने से पहले गिरफ्तारी हो सकती है. * हर राज्य 498A के मामलों की जांच के लिए जांच अधिकारी तय करे. इन अधिकारियों को उचित ट्रेनिंग दी जाए. * जिन लोगों के खिलाफ शिकायत है. पुलिस उन सबकी भूमिका की अलग-अलग समीक्षा करे. सिर्फ एक शिकायत के आधार पर सबको गिरफ्तार न किया जाए. * जिस शहर में मुकदमा चल रहा है, उससे बाहर रहने वाले लोगों को हर तारीख पर पेशी से छूट दी जाए. मुकदमे के दौरान परिवार के हर सदस्य की पेशी अनिवार्य न रखी जाए. *अगर डिस्ट्रिक्ट जज सही समझें तो एक ही वैवाहिक विवाद से जुड़े सभी मामलों को एक साथ जोड़ सकते हैं. *भारत से बाहर रह रहे लोगों का पासपोर्ट जब्त करने या रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई बहुत ज़रूरी हालात में ही की जाए. *वैवाहिक विवाद में अगर दोनों पक्षों में समझौता हो जाता है तो ज़िला जज आपराधिक मामले को बंद करने पर विचार कर सकते हैं.

बदला हुआ फैसला क्या है चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने 2 जजों की बेंच  के फैसले में बदलाव किया है. इसके मुताबिक:-

*कानून में नया प्रावधान जोड़ना कोर्ट का काम नहीं. इसलिए, फैमिली वेलफेयर कमिटी के गठन का आदेश निरस्त किया जा रहा है. *इसका मतलब ये हुआ कि अब शिकायतों को समीक्षा के लिए किसी कमिटी के पास नहीं भेजा जाएगा. *दहेज उत्पीड़न के मामलों को देखने के लिए पुलिस अधिकारी को प्रशिक्षण दिया जाए. ट्रेनिंग पाए अधिकारी को ही जांच सौंपी जाए. *जोगिंदर कुमार, डी के बसु, ललिता कुमारी और अरनेश कुमार मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का पालन करें.

इन फैसलों में सुप्रीम कोर्ट ने जहां संज्ञेय अपराध के लिए तुरंत FIR की बात कही थी. लेकिन ज़रूरी होने पर ही गिरफ्तारी  करने को कहा था. इसका मतलब ये हुआ कि अब पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी तभी करेगा, जब ऐसा करना ज़रूरी हो

*व्यक्तिगत पेशी से छूट या सभी मुकदमों की एक साथ सुनवाई के लिए कोर्ट में CrPC 205 और 317 के प्रावधान के तहत कोर्ट में आवेदन दिया जा सकता है. *पासपोर्ट जब्ती या रेड कॉर्नर नोटिस जैसी कार्रवाई रूटीन में नहीं हो सकती. ज़रूरी होने पर ही ऐसा किया जाए. *मुख्य वैवाहिक विवाद में समझौता होने पर बाकी मुकदमों को खत्म करने के लिए CrPC 482 के तहत हाई कोर्ट में आवेदन दिया जा सकता है

कानून के दुरुपयोग से समाज को नुकसान सुप्रीम कोर्ट ने नए फैसले में कहा है कि विशेष परिस्थितियों के लिए बने कानून का कुछ लोग लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए कानून में जोड़े गए 498A का शिकार कई बार बेगुनाह रिश्तेदार होते हैं. गुस्से या बदले की भावना से युवा, बुजुर्ग या दूर रहने वाले ऐसे रिश्तेदारों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है, जिनका पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं होता.

कोर्ट ने माना है कि ऐसा करना न सिर्फ बहुत क्रूर है, बल्कि ये सामाजिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचाता है. पुलिस या अदालतों को इसे लेकर संवेदनशील होना चाहिए. कोर्ट के पास अधिकार है कि ज़रूरी हालात में लोगों को अग्रिम ज़मानत दे.

ये भी देखें

मास्टर स्ट्रोक : फुल एपिसोड । जस्टिस रंजन गोगोई भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लद्दाख के लेह और कारगिल में 21 नवंबर को होंगे निकाय चुनाव, आचार संहिता लागू
लद्दाख के लेह और कारगिल में 21 नवंबर को होंगे निकाय चुनाव, आचार संहिता लागू
EC ने दिल्ली-महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में फाइनल वोटर लिस्ट की तारीख बढ़ाई, SIR विवाद के बीच बड़ा फैसला
EC ने दिल्ली-महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में फाइनल वोटर लिस्ट की तारीख बढ़ाई, SIR विवाद के बीच बड़ा फैसला
लद्दाख में महिलाओं ने रोका प्रदर्शन, प्रशासन ने मानी मांगें, आदेश जारी करने के लिए मांगा वक्त
लद्दाख में महिलाओं ने रोका प्रदर्शन, प्रशासन ने मानी मांगें, आदेश जारी करने के लिए मांगा वक्त
अरनब तूफान से आंध्र प्रदेश में कितना नुकसान, CM चंद्रबाबू नायडू ने दी जानकारी
अरनब तूफान से आंध्र प्रदेश में कितना नुकसान, CM चंद्रबाबू नायडू ने दी जानकारी

वीडियोज

रिश्तों का धोखा, साजिश और खौफ! 4 शहरों में जुर्म की 4 सनसनीखेज कहानियां...
MLC रिजल्ट, चौतरफा खटपट!
किसके वोट चोरी, किसकी सीनाजोरी?
Azam Khan बाहर आएंगे... किसका गेम बिगाड़ेंगे?
Gyanesh Kumar पर 'जन-महाभियोग' विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग
व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग
UP: कोई दूसरी, कोई तीसरी तो कोई चौथी बार बना MLC, सभी 11 विजेताओं को जानें
UP: कोई दूसरी, कोई तीसरी तो कोई चौथी बार बना MLC, सभी 11 विजेताओं को जानें
'मेंटल क्रिमिनल', रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह को बताया लोकतंत्र के लिए खतरनाक, भड़की CPM
'मेंटल क्रिमिनल', रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह को बताया लोकतंत्र के लिए खतरनाक, भड़की CPM
'मेरे पति के जैसा कोई नहीं...', करवा चौथ पर निक ने दिया प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज
'मेरे पति के जैसा कोई नहीं...', करवा चौथ पर निक ने दिया प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज
चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की लगातार दूसरी जीत, चीन को 5-2 से रौंदा
चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की लगातार दूसरी जीत, चीन को 5-2 से रौंदा
CEC ज्ञानेश कुमार पर यूसुफ पठान का चौंकाने वाला बयान, 'आवाज सुननी ही चाहिए'
CEC ज्ञानेश कुमार पर यूसुफ पठान का चौंकाने वाला बयान, 'आवाज सुननी ही चाहिए'
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
Rawa Dosa Recipe: घर में कैसे बनाएं बाजार जैसा रवा डोसा, किन चीजों की पड़ेगी जरूरत?
घर में कैसे बनाएं बाजार जैसा रवा डोसा, किन चीजों की पड़ेगी जरूरत?
Embed widget