पंजाब में कर्नल से मारपीट का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी, पुलिसकर्मियों के खिलाफ CBI जांच का आदेश रखा बरकरार
सेना के कर्नल पुष्पदिंर सिंह बाठ अपने बेटे अंगद के साथ एक ढाबे पर खाना खा रहे थे. यहां उनका पार्किंग को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद 12 पुलिसकर्मियों ने कर्नल और उनके बेटे के साथ जमकर मारपीट की.

पंजाब के पटियाला में सेना के कर्नल और उनके बेटे से मारपीट के आरोपी पुलिसवालों की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. उन्होंने मामले की सीबीआई जांच के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से मना कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने देश की सेवा करने वाले सैन्य अधिकारी से दुर्व्यवहार के लिए याचिकाकर्ताओं को फटकार भी लगाई.
मामला 13 और 14 मार्च 2025 की रात का है. सेना के कर्नल पुष्पदिंर सिंह बाठ अपने बेटे अंगद के साथ एक ढाबे पर खाना खा रहे थे. इसी दौरान पार्किंग को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद 12 पुलिसकर्मियों ने कर्नल और उनके बेटे के साथ जमकर मारपीट की. उन्होंने दोनों को अधमरा कर दिया. मारपीट के बाद पुलिसकर्मी उन्हें फर्जी एनकाउंटर में जान से मारने की धमकी देकर चले गए.
इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा में आया. घटना के 8 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया. इन पर दर्ज एफआईआर में बीएनएस की धाराएं 115(2), 351(2), 109, 310, 117(1), 117(2), 126(2) और 190 लगाई गई हैं. जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया, लेकिन उसकी जांच बेहद धीमी रही. किसी आरोपी को गिरफ्तार भी नहीं किया गया.
इससे असंतुष्ट कर्नल हाई कोर्ट गए. हाई कोर्ट ने उनसे सहमति जताते हुए एसआईटी को ढीली जांच के लिए फटकार लगाई. हाई कोर्ट ने हत्या के प्रयास की धारा हटाने पर भी सवाल उठाया. इसके बाद हाई कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी. मामले के 2 आरोपी इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ढिल्लों और हैरी बोपाराय हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने उनकी याचिका खारिज कर दी. जजों ने उन्हें उनके आचरण के लिए फटकार लगाई और भारी जुर्माना लगाने की भी चेतावनी दी. हालांकि, कोर्ट ने जुर्माना नहीं लगाया.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















