एक्सप्लोरर

Explained: झुलसाती गर्मी और फसलें होंगी तबाह? इस साल मानसून में 6% कम होगी बारिश! पढ़ें चौंकाने वाली रिपोर्ट

Monsoon Report 2026: हर साल तपती गर्मी के बाद बारिश का बेसब्री से इंतजार होता है, लेकिन इस बार इंतजार का फल कड़वा हो सकता है. क्योंकि एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार बारिश 6% कम होगी, लेकिन क्यों?

इन दिनों आप बारिश में जमकर भीग रहे हैं, यानी मार्च-अप्रैल की तपती गर्मी से राहत मिल रही है. लेकिन कैसा हो कि आपको पता चले कि यह बारिश आपके मानसून के कोटे से पहले ही बरस जा रही है और जब मानसून आएगा, तब पानी कम बरसेगा. हाल ही में स्काईमेट वेदर की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी हुई है, जिसने मानसून 2026 को लेकर सबके होश उड़ा दिए. तो क्या वाकई मानसून इस बार सूखा रहेगा? इससे क्या असर पड़ेगा? जानेंगे एक्सप्लेनर में...

सवाल 1: स्काईमेट वेदर ने 2026 के मानसून को लेकर क्या चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है?
जवाब: भारत की सबसे पुरानी और भरोसेमंद प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने 6-8 अप्रैल 2026 को अपनी आधिकारिक रिपोर्ट जारी की. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) सामान्य से नीचे रहेगा. कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) की सिर्फ 94% रहने की उम्मीद है. LPA 868.6 मिलीमीटर है, यानी इस साल करीब 817 मिलीमीटर बारिश हो सकती है, मतलब 6% कम. रिपोर्ट में ±5% की गलती की गुंजाइश रखी गई है, यानी बारिश 90-95% LPA के बीच रह सकती है.

आसान भाषा में समझें तो LPA वो बेंचमार्क है जो भारत में पिछले 50 साल (1971 से 2020 तक) के मानसून की औसत बारिश को दिखाता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) और स्काईमेट दोनों ने इसे 868.6 मिलीमीटर तय किया है. मतलब पूरे देश में अगर हर साल ठीक-ठीक 868.6 मिलीमीटर बारिश हो तो हम कहते हैं '100% LPA' यानी बिल्कुल सामान्य मानसून.

स्काईमेट ने इसे 'ब्लो नॉर्मल' कैटेगरी में रखा है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस सीजन में 70% संभावना है कि देश के बड़े हिस्से में बारिश सामान्य से कम या सूखा जैसी स्थिति रहे.


Explained: झुलसाती गर्मी और फसलें होंगी तबाह? इस साल मानसून में 6% कम होगी बारिश! पढ़ें चौंकाने वाली रिपोर्ट

सवाल 2: स्काईमेट ने मानसून को कमजोर क्यों बताया है? क्या मार्च-अप्रैल की बेमौसम बारिश वजह बनी?
जवाब: स्काईमेट ने साफ कहा कि मार्च-अप्रैल की बारिश को सीधे तौर पर इस कमजोर मानसून की वजह नहीं माना गया. रिपोर्ट का पूरा फोकस दो बड़े वैश्विक मौसम पैटर्न पर है- एल नीनो और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD).

  • पिछले डेढ़ साल से ला नीना चल रहा था. अब पैसिफिक महासागर ENSO-neutral हो गया है और समुद्र की सतह पर गर्मी बढ़ रही है.
  • मानसून शुरू होते ही एल नीनो बनने की मजबूत संभावना है, जो जुलाई-सितंबर तक और मजबूत होगा. एल नीनो आमतौर पर भारत में बारिश कम करता है, खासकर सीजन के दूसरे हिस्से में.
  • इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) सामान्य या थोड़ा पॉजिटिव रहने की उम्मीद है. ये शुरुआती मानसून को थोड़ा सहारा दे सकता है, लेकिन एल नीनो का पूरा असर नहीं रोक पाएगा.

स्काईमेट के मैनेजिंग डायरेक्टर जतिन सिंह ने कहा, 'एल नीनो की वजह से मानसून का दूसरा हिस्सा (जुलाई-सितंबर) ज्यादा अनियमित और कमजोर रहने वाला है.' मार्च-अप्रैल की बारिश को रिपोर्ट में कोई खास वजह नहीं बताया गया. ये मानसून से पहले होने वाली बारिश है, लेकिन स्काईमेट की भविष्यवाणी ENSO और IOD जैसे बड़े पैटर्न पर आधारित है.

सवाल 3: तो फिर जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में कितनी बारिश होने की संभावना है?
जवाब: स्काईमेट ने महीने-वार भी अनुमान दिए हैं, जो सभी LPA के प्रतिशत में हैं:

  • जून: 101% (लगभग सामान्य, अच्छी शुरुआत)
  • जुलाई: 95% (थोड़ी कम)
  • अगस्त: 92% (कम)
  • सितंबर: 89% (सबसे कम)

यानी शुरुआत ठीक रहेगी, लेकिन जुलाई से बारिश कमजोर पड़ने लगेगी और अगस्त-सितंबर में बहुत कमी रहेगी.

सवाल 4: देश के कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे?
जवाब: एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत के ज्यादातर इलाकों में इसका असर होगा:

  • मध्य और पश्चिम भारत: सबसे ज्यादा कमी की आशंका.
  • मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान: इन राज्यों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना, खासकर अगस्त-सितंबर में.
  • पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: इन इलाकों में बारिश दूसरे हिस्सों की तुलना में बेहतर रह सकती है.

कुल मिलाकर बारिश की चाल मिली-जुली रहेगा, यानी कुछ जगहों पर अच्छी, कुछ पर बहुत कम.

 

2025 में भारत में 937.2 मिमी बारिश हुई थी
2025 में भारत में 937.2 मिमी बारिश हुई थी

सवाल 5: कम बारिश से किसानों, खेती और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?
जवाब: स्काईमेट ने चेतावनी दी है कि सामान्य मानसून खरीफ फसलों, जैसे धान, मक्का, सोयाबीन और कपास पर असर डाल सकता है. पंजाब-हरियाणा जैसे गेहूं-धान के बड़े राज्यों में पानी की कमी से सिंचाई पर दबाव बढ़ेगा. मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश कम होने से रेनफेड खेती प्रभावित होगी.

  • कृषि: खरीफ उत्पादन में गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी.
  • पानी के स्रोत: जलाशयों में पानी कम भरेगा, जिससे पीने का पानी और सिंचाई दोनों पर असर पड़ेगा.
  • अर्थव्यवस्था: ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ेगी. खाद्य महंगाई बढ़ सकती है. सरकार को फसल बीमा और सहायता योजनाओं पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.

स्काईमेट ने कहा कि 70% संभावना है कि देश के बड़े हिस्से में बारिश की कमी या सूखा जैसी स्थिति बने. IMD अपनी आधिकारिक भविष्यवाणी अगले हफ्ते जारी करने वाली है.

वेदर एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्काईमेट की रिपोर्ट सिर्फ चेतावनी है, अंतिम फैसला नहीं. सरकार को पानी बचाने, वैकल्पिक सिंचाई और फसल बीमा को मजबूत करने की जरूरत है. किसानों को कम पानी वाली फसलें चुननी चाहिए और मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. आम लोगों को पानी की बचत पर ध्यान देना होगा.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या सर्विलांस के नियमों का हो रहा पालन? सीजेपी आंदोलन को लेकर हाईकोर्ट का दिल्ली पुलिस से सवाल
क्या सर्विलांस के नियमों का हो रहा पालन? सीजेपी आंदोलन को लेकर हाईकोर्ट का दिल्ली पुलिस से सवाल
CJP प्रदर्शन में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में 78 प्रदर्शनकारी, कई गाड़ियों को नुकसान
CJP प्रदर्शन में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में 78 प्रदर्शनकारी, कई गाड़ियों को नुकसान
CJP Protest LIVE: सीजेपी आंदोलन के बीच हिरासत में 70 से ज्यादा प्रदर्शनकारी, 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल
LIVE: सीजेपी आंदोलन के बीच हिरासत में 70 से ज्यादा प्रदर्शनकारी, 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल
सिक्किम में भूस्खलन-गैस रिसाव के बाद सुरंग में फंसे 27 मजदूर, राहत और बचाव अभियान जारी
सिक्किम में भूस्खलन-गैस रिसाव के बाद सुरंग में फंसे 27 मजदूर, राहत और बचाव अभियान जारी

वीडियोज

DGP की '​मौत मिस्ट्री'!
BMW F 450 GS Ride Review | The best premium bike ?
Sonam Wangchuk: एक अनशन और हिल गई थी इंदिरा सरकार! कैसे सोनम वांगचुक के पिता बने थे आंदोलन का चेहरा?
Ranbir Kapoor और Yash ने बढ़ाई Ramayana की एक्साइटमेंट
Ramayana ट्रेलर में Yash पड़े भारी, Ranbir Kapoor भी छाए

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सिक्किम में भूस्खलन-गैस रिसाव के बाद सुरंग में फंसे 27 मजदूर, राहत और बचाव अभियान जारी
सिक्किम में भूस्खलन-गैस रिसाव के बाद सुरंग में फंसे 27 मजदूर, राहत और बचाव अभियान जारी
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक का आया बड़ा बयान, बोले - 'मैं अपना उपवास...'
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक का आया बड़ा बयान, बोले - 'मैं अपना उपवास...'
'इसका कोई मतलब नहीं है...', CJP के प्रदर्शन पर हेमा मालिनी का बड़ा बयान, स्टूडेंट्स को दी सलाह
'इसका कोई मतलब नहीं है...', CJP के प्रदर्शन पर हेमा मालिनी का बड़ा बयान, स्टूडेंट्स को दी सलाह
CJP के प्रदर्शन और लाठीचार्ज पर रोहिणी आचार्य ने कही दिल जीत लेने वाली बात, 'सरकार को…'
CJP के प्रदर्शन और लाठीचार्ज पर रोहिणी आचार्य ने कही दिल जीत लेने वाली बात, 'सरकार को…'
शमी और सिराज के समर्थन में आया दिग्गज, गौतम गंभीर एंड मैनेजमेंट को जमकर लताड़ा; जानें क्या कहा
शमी और सिराज के समर्थन में आया दिग्गज, गौतम गंभीर एंड मैनेजमेंट को जमकर लताड़ा
खान सर के 'जीजा' वाले बयान पर होगी कार्रवाई? BJP भड़की, पार्टी MLA ने कहा - 'बिहार में…'
खान सर के 'जीजा' वाले बयान पर होगी कार्रवाई? BJP भड़की, पार्टी MLA ने कहा - 'बिहार में…'
Explained: जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में कूदे सपा नेता! मोहिबुल्लाह से लेकर अखिलेश तक, कैसे बनाया राजनीतिक मुद्दा?
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में खपे सपा नेता! मोहिबुल्ला से लेकर अखिलेश तक, कैसे बना राजनीतिक मुद्दा
CJP के प्रदर्शन पर राहुल गांधी बोले, 'सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती, जवाबदेही जरूर तय की जाएगी'
CJP के प्रदर्शन पर राहुल गांधी बोले, 'सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती, जवाबदेही जरूर तय की जाएगी'
Embed widget