20 लाख के शेयर, दहेज प्रताड़ना, प्रेग्नेंसी... ट्विशा शर्मा परिवार के गंभीर आरोप, इन प्वाइंट्स पर CBI कर रही फोकस
अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत मामले में उनकी सास गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई दहेज प्रताड़ना, कंपनियों में शेयर समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है.

अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा की रहस्यमय मौत के मामले में सीबीआई ने उनकी सास (रिटायर्ड जज) गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया है. इसके बाद अब इसमें दहेज हत्या का भी एंगल सामने आ रहा है. जांचकर्ताओं का मानना है कि सबूतों को नष्ट करने, डिजिटल हेरफेर करने और 12 मई की रात को भोपाल के एक प्रतिष्ठित परिवार में क्या हुआ था, उसे छिपाने का संभावित प्रयास भी शामिल हो सकता है.
3 दिन तक चली 10 घंटे की पूछताछ, मौके पर सत्यापन, फोरेंसिक मैपिंग और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद सीबीआई ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया है. ट्विशा का पति समर्थ सिंह पहले से ही हिरासत में है.
ट्विशा के परिवार के आरोप
ट्विशा के परिवार की ओर से कोर्ट में पेश दस्तावेजों के मुताबिक कथित तौर पर बेटी की शादी के तुरंत बाद ही परेशानी शुरू हो गई थी. परिवार के सदस्यों का आरोप है कि शादी के दौरान लाए गए उपहार और दहेज को बार-बार उनके स्तर से नीचे बताया गया. जांचकर्ताओं के मुताबिक वियतनाम से लौटने के बाद ट्विशा को ताने मारे गए और जब यह पता चला कि उनके पास कई कंपनियों में शेयर हैं, तो तनाव और बढ़ गया.
20 लाख के शेयर थे ट्विशा के पास
ट्विशा के पास लगभग 20 लाख के शेयर थे. उनके परिवार का आरोप है कि समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह दोनों ही इन शेयरों को अपने नाम पर ट्रांसफर करवाना चाहते थे. जांचकर्ता अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इन वित्तीय संपत्तियों को लेकर हुए विवाद परिवार के भीतर चल रहे संघर्ष का हिस्सा थे. ट्विशा की प्रेग्नेंसी को लेकर बच्चे के पितृत्व पर सवाल उठने के बाद उन पर गर्भपात कराने का दबाव डाला गया था. परिवार के सदस्यों का दावा है कि उन्हें बताया गया था कि गर्भपात कराने पर ही उन्हें परिवार में स्वीकार किया जाएगा.
अपने आखिरी क्षणों में ट्विशा वास्तव में कहां थी? कमरों में कौन आया-गया? कौन से फोन सक्रिय थे? इंटरनेट पर क्या गतिविधि हुई? कौन किससे बात कर रहा था? और सबसे महत्वपूर्ण बात, क्या डिजिटल साक्ष्य परिवार के सदस्यों द्वारा बताई गई घटनाओं की पुष्टि करते हैं? इन सब सवालों के जवाब मिलना अभी बाकी है.
मौत के तुरंत बाद क्या हुआ
अगर ट्विशा छत पर लटकी पाई गई थी, तो उसके शरीर को नीचे लाने का फैसला किसने लिया? अधिकारियों को सूचित किए बिना सीपीआर क्यों दिया गया? क्या शव को ले जाना आपातकालीन प्रतिक्रिया के रूप में ठीक था, या इससे संभावित अपराध स्थल में कोई बदलाव आया? जांचकर्ता इन सब चीजों को ध्यान में रखकर भी जांच कर रहे हैं.
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