राहुल गांधी को PM मोदी ने बताया 'फेल प्रोडक्ट' तो भड़के शशि थरूर, बोले- 'एक नाकाम...'
शशि थरूर ने कहा कि बीजेपी राहुल गांधी को गंभीरता से ले रही है और इसी वजह से उन्हें जनता के सामने एक नाकाम नेता के रूप में पेश करने में लगी हुई है. पीएम मोदी ने एक दिन पहले राहुल गांधी पर तंज कसा था.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें पीएम ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा था. पीएम मोदी ने कहा था कि श्रीहरिकोटा से एक साल में उतने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, जितनी बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिशें करती है. इस पर थरूर ने कहा कि बीजेपी लगातार राहुल गांधी को नीचा दिखाने की कोशिश इसलिए कर रही है क्योंकि वह उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है.
एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में थरूर ने कहा कि बीजेपी का यह दावा बिल्कुल गलत है कि राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने देश के युवा मतदाताओं के बीच एक नया उत्साह और जोश भरा है. सांसद शशि थरूर ने बीजेपी को सलाह दी कि उन्हें राहुल गांधी को नजरअंदाज करने के बजाय इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, 'बीजेपी राहुल गांधी को गंभीरता से ले रही है और इसी वजह से उन्हें जनता के सामने एक नाकाम नेता के रूप में पेश करने में लगी हुई है.'
कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र बहुत मजबूत: थरूर
विपक्ष के नेता राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा कि नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस के लिए खुद एक बोझ बन चुका है और पार्टी के वरिष्ठ नेता बंद कमरों में सत्ताधारी नेताओं से बातचीत के दौरान भी इस बात को स्वीकार करते हैं. हालांकि, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और अपना उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र बहुत मजबूत है.
शशि थरूर ने कहा, 'भले ही उन्होंने कई मौकों पर पार्टी लाइन से अलग विचार व्यक्त किए हों, लेकिन फिर भी वे पार्टी का हिस्सा हैं, पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हैं और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं. अलग राय रखने मात्र से किसी को पार्टी में नजरअंदाज या खारिज नहीं किया जाता.





















