राज्यपाल के बयान पर भड़के संजय राउत, कहा - शिवाजी के आदर्शों पर चलने वाले संगठन एक साथ करें विरोध
संजय राउत ने कहा कि राज्यपाल के बयान के विरोध में महाराष्ट्र की जनता को विरोध करना चाहिए, और उनके आदर्शों पर चलने वाले सभी संगठनों को एक साथ आकर महाराष्ट्र बंद का आयोजन करना चाहिए.

Maharashtra: छत्रपति शिवाजी महाराज पर राज्यपाल पर सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने पार्टी के मुखपत्र सामना में महाराष्ट्र (Maharashtra) की सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली सरकार की चुप्पी की आलोचना की.
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने सामना पर अपने साप्ताहिक कॉलम रोकटोक में कहा कि जब मुस्लिम देशों ने पैगंबर पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी का विरोध किया तो बीजेपी ने उनके पार्टी से निकाल दिया लेकिन अब बीजेपी न केवल चुप है बल्कि शिवाजी का अपमान करने वालों का समर्थन भी कर रही है.
साथ आएं सभी संगठन
संजय राउत ने कहा कि प्रदेश की सरकार राज्य को प्रभावहीन करने की साजिश रच रही है. उन्होंने महाराष्ट्र की जनता से अपील करते हुए कहा कि शिवाजी के आदर्शों पर चलने वाले सभी संगठनों को एक साथ आना चाहिए और इस मुद्दे पर महाराष्ट्र बंद का आयोजन करना चाहिए.
शिवाजी पर क्या बोले थे महाराष्ट्र के राज्यपाल?
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी उस समय विवादों में घिर गये जब उन्होंने शिवाजी महाराज को ओल्ड आइकन बोल दिया. उन्होंने एक समारोह मे कहा था कि अगर आपसे पूछा जाए कि आपके आदर्श कौन हैं तो आपका जवाब जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी होंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में आपको कहीं और देखने की जरूरत नहीं है. यहां बहुत पुराने आइकन हैं. जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज ओल्ड आइकन हैं.
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बयान पर महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आ गया. विपक्षी दल शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने राज्यपाल के इस बयान पर माफी मांगने की मांग की और यह भी कहा कि उनको यह बयान वापस लेना चाहिए. तो वहीं, राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्यपाल के बयान के गलत मतलब नहीं निकाले जाने चाहिए.
















