Saamana: 'चंद्रयान से प्रचार करें तब भी...', सामना में शिवसेना ने साधा बीजेपी पर निशाना
Lok Sabha Election: शिवसेना ने सामना में बीजेपी पर हमला बोलते हुए लिखा है कि मोदी-शाह चाहे कितनी कोशिश कर लें, 2024 में तानाशाही का अंत होना तय है.

Lok Sabha Election: शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र सामना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान के हवाले से सामना में लिखा गया कि लोकसभा चुनाव समय के पहले ही, यानी दिसंबर महीने में ही कराया जाएगा. इसके लिए अभी से निजी छोटे विमान, हेलीकॉप्टर्स बुक करने शुरू हो गए हैं. शिवसेना ने कहा है कि बीजेपी चंद्रयान-3 से प्रचार करे तो भी उसकी जीत नहीं होने वाली है.
संपादकीय में बीजेपी पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि विमान, हेलिकॉप्टर्स की बुकिंग करके अपने राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने वाला कदम है. चुनाव के दौरान कोई तेज गति वाले संसाधन विरोधियों को न मिलें, इसके लिए शुरू हुआ सत्ता का यह दुरुपयोग आपत्तिजनक है.
बीजेपी पर लगाया भ्रष्टाचार से कमाई का आरोप
बीजेपी पर भ्रष्टाचार से कमाई का आरोप लगाते हुए संपादकीय लिखता है कि बीजेपी और उनके समर्थकों के पास अथाह संपत्ति है. यह संपत्ति किस तरीके से आती है. इसमें कहा गया है कि चंद्रयान-3 का खर्च 650 करोड़ रुपये और दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेस वे के करीब तीन किलोमीटर सड़क का खर्च 750 करोड़ से ऊपर जाने का खुलासा हुआ है.
इसमें आगे कहा गया है कि 3 किलोमीटर के पीछे 500 करोड़ की फावड़ाबाजी करने वालों ने चुनाव प्रचार के लिए देश में सभी निजी विमान, हेलीकॉप्टर्स बुक कर लिए तो आश्चर्य कैसा? बीजेपी के सांसद डी अरविंद ने कहा ही है कि ईवीएम का कोई भी बटन दबाओ, वोट बीजेपी को ही जाता है. मतलब बीजेपी ने हेलीकॉप्टर्स के साथ लाखों ईवीएम भी बुक कर रखे हैं.
अखबार आगे लिखता है कि आप कितना भी कुछ बुक कर लें, फिर भी मतदाता भ्रष्ट ईवीएम की छाती पर पैर रखकर तानाशाही की पराजय किए बिना नहीं रहेगी.
'मोदी-शाह की कुंडली में राजयोग नहीं'
सामना में कहा गया है कि बीजेपी को सरकारी ज्योतिषाचार्यों ने 2024 की जगह 2023 में चुनाव कराए जाने की सलाह दी है. चुनाव 2024 में करो या 2023 में, मोदी-शाह की कुंडली में राजयोग नहीं है. बेईमानी करके ऐसा कुछ करने का प्रयास किया भी तो मामला उन पर ही पलटेगा.
अखबार में आरोप लगाया कि मोदी-शाह और उनके गुजरात के धनाढ्य मित्रों ने लोकतंत्र का गला कब का घोंट दिया है. जनता 2024 में तानाशाही प्रवृत्ति को हराकर लोकतंत्र की प्राण प्रतिष्ठा करेगी. इसलिए ही ‘इंडिया’ गठबंधन ने जन्म लिया है.
संपादकीय आखिरी में कहता है कि 2024 हो या 2023, चुनाव कभी भी कराओ, तानाशाही रूपी हिरण्यकश्यप का अंत तय है. ‘इंडिया’ गठबंधन ने देश के वातावरण को झकझोर दिया है. जनता जाग गई है और वह किसी भी झांसे में नहीं आनेवाली है. हम कहते हैं, वो जो चाहें करें. यदि वे ‘चंद्रयान-३’ लाकर उस पर सवार होकर भी प्रचार करें तब भी उनकी तानाशाही की पराजय अटल है.
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