Osmania General Hospital: गोशामहल में बनेगा नया हॉस्पिटल, रोबोटिक सर्जरी, जानें क्या है मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का ऐतिहासिक कदम
Revanth Reddy: CM ए. रेवंत रेड्डी ने गोशामहल में 2,000 बिस्तरों वाले उस्मानिया जनरल अस्पताल की आधारशिला रखी. ये हॉस्पिटल 32 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में होगा और इसमें अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

Medical Infrastructure: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार (31 जनवरी) को गोशामहल में 2,000 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक उस्मानिया जनरल अस्पताल (OGH) की आधारशिला रखी. ये हॉस्पिटल 32 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला होगा जिसमें 29 प्रमुख और 12 छोटे ऑपरेशन थिएटर, रोबोटिक सर्जरी और स्पेशल ट्रांसप्लांट थिएटर जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मेडिकल सर्विस की गुणवत्ता में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना है.
नए हॉस्पिटल में आधुनिक लॉन्ड्री, एसटीपी (सिविल ट्रीटमेंट प्लांट), ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा, हॉस्पिटल में 30 डिपार्टमेंट होंगे जिनमें आठ नए सुपर-स्पेशियलिटी विषय शामिल हैं. इसमें नर्सिंग, डेंटल और फिजियोथेरेपी कॉलेज भी होंगे जिससे मेडिकल एजुकेशन और ट्रेनिंग में विस्तार होगा.
हॉस्पिटल में वेटिंग रूम, कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं
नए अस्पताल परिसर में मरीजो और उनके परिवारों की सुविधा के लिए सभी मंजिल पर स्वागत कक्ष, वेटिंग रूम, कैंटीन, कैफेटेरिया, आराम करने के लिए अलग से कमरे और शौचालय जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. अस्पताल में ग्राउंड प्लस दो (G+2) पार्किंग की सुविधा होगी. इसके अलावा पुलिस स्टेडियम और अस्पताल के आसपास की सड़कों को यातायात की सुगमता के लिए पुनर्निर्मित किया जाएगा. बेहद गंभीर मरीजों और अंग ट्रांसप्लांट के लिए इमरजेंसी हेलीकॉप्टर लैंडिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी. इसके लिए हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा जिससे समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके.
नए अस्पताल के लिए 26 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य शुरू
ये हॉस्पिटल 26 एकड़ और 30 गुंटा भूमि पर विकसित किया जाएगा, जबकि पुलिस विभाग अपने संचालन के लिए 11 एकड़ और 14 गुंटा भूमि पर अपना परिसर विकसित करेगा. 1919 में स्थापित उस्मानिया जनरल अस्पताल का इतिहास काफी समृद्ध रहा है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों को पूरा करने में असमर्थ होने की वजह से इसे नये रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया.
पूर्व में अस्पताल के पुनर्विकास से संबंधित कानूनी मुद्दों और मुकदमों ने कार्य को प्रभावित किया था, लेकिन मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने हेरिटेज बिल्डिंग को सुरक्षित रखने का फैसला लिया और नए अस्पताल की योजना को हरी झंडी दी. सभी अनुमोदन और मुद्दों को रिकॉर्ड समय में हल किया गया जिससे ये प्रोजेक्ट गति पकड़ सकी. इस नए अस्पताल से न केवल हैदराबाद बल्कि राज्य भर के नागरिकों को बेहतर मेडिकल सर्विस मिलेंगी और ये राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अहम बदलाव लाएगा.
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