फॉर्म-6 विवाद: राहुल गांधी का ज्ञानेश कुमार पर निशाना - 'साबित हो गया कि...'
फॉर्म-16 में किसी तरह के नियमों में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. वहीं चुनाव आयोग के उस दावे पर अब सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने इस नियम में बदलाव के लिए SC के आदेश का हवाला दिया था.

मुख्य चुनाव आयुक्त यानी सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी के बाद से राजनीतिक बयानबाजी जारी है, इसी सिलसिले में राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए जमकर निशाना साधा है.
उन्होंने चुनाव आयोग की एक प्रेस रिलीज की कॉपी शेयर करते हुए लिखा है कि अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो चुकी है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव किया है.
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस मामले पर आई है, जिसपर सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा है कि हमने किसी बदलाव की मंजूरी नहीं दी है. अब ऐसे में ज्ञानेश कुमार पर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लग रहा है.
It is now established beyond doubt that Gyanesh Kumar changed Form 6 illegally and unilaterally. This is just one more proof of him abusing his position to help the BJP. He and everyone else involved in this criminal assault on our democracy will be held accountable. https://t.co/a33eJdPetu
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 5, 2026
अपने पद का गलत इस्तेमाल किया: राहुल गांधी
राहुल ने कहा है कि यह इस बात का एक और सबूत है कि उन्होंने बीजेपी की मदद करने के लिए अपने पद गलत इस्तेमाल किया है. वे और हमारी डेमोक्रेसी पर हुए इस आपराधिक हमले में शामिल हर व्यक्ति को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.
जिस पोस्ट में राहुल ने यह प्रेस नोट शेयर किया है, उसी में उन्होंने 1 अक्टूबर का अपना एक पोस्ट रिपोस्ट करते किया है. इसमें राहुल ने कहा था कि ऑनलाइन फॉर्म 6 में गैर कानूनी तरीके से बदलाव किया गया है. जैसा कि ईसी के अपने कमिश्नरों ने दर्ज किया है. ईसीआई में किसने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को वह बदलाव करने का आदेश दिया. टीसीएस में किसने इसे मंजूरी दी? और क्या ऐसा करने के लिए उनपर प्रेशर डाला गया था?
ईसी के 26 सितंबर के प्रेस नोट में क्या लिखा है?
राहुल गांधी ने प्रेस नोट में उस पॉइंट को फोकस टूल से हाईलाइट किया है, जिस पर तारीख 26.09.2026 लिखा गई है. इसमें कमीशन की मीटिंग की डिटेल को दर्ज किया गया है. इसमें कहा गया है कि यह फैसला 26 सितंबर 2026 को दोपहर तीन बजे हुई मीटिंग में लिया गया है. इसमें तीसरे पॉइंट में लिखा है कि SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. SIR के अलावा बाकी समय के लिए, नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या है फॉर्म-6?
फॉर्म-6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने के लिए किया जाता है. ऐसे में विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि इस फॉर्म में बदलाव किया गया है. इसमें नए वोटर्स को अपने या अपने माता पिता और दादा -दादी के पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से कनेक्शन बताना है. इसपर चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि फॉर्म-6 में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. इसमें उसके साथ एक घोषणा पत्र से जुड़ा फॉर्म जोड़ा गया है.





















